हिमाचल प्रदेश गवर्नर कवींदर गुप्ता का युवाओं, आदिवासी विकास और पर्यावरण पर जोर
Shimla शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींदर गुप्ता ने हाल ही में कहा कि राज्य का हरित आवरण और पर्यावरण संरक्षण सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ मिलकर कार्य करना आवश्यक है।
राज्यपाल कवींदर गुप्ता ने शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उनका कहना है कि युवाओं को प्रशिक्षित और योग्य बनाना न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें रोजगारदाता बनने का अवसर भी देगा। उन्होंने कहा कि युवा 2047 तक भारत के स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने आदिवासी विकास को भी प्राथमिकता बताया और युवाओं की भलाई, शिक्षा और कौशल निर्माण पर लगातार ध्यान देने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में कई योजनाएं चला रहे हैं, और उनका प्रयास रहेगा कि इन पहलों के साथ मिलकर और बेहतर काम किया जाए।
कवींदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पर्यावरण और हरित क्षेत्र केवल प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि रोजगार, पर्यटन और सतत विकास के अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि राज्य और देश की प्रगति में उनकी भागीदारी आवश्यक है, और उन्हें कौशल और शिक्षा के माध्यम से रोजगार सृजन में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने 2047 के विज़न को ध्यान में रखते हुए युवाओं, आदिवासी समुदाय और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित नीतियों और कार्यक्रमों को मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उनका संदेश है कि सशक्त युवा ही देश का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।