Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों ने भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता जताई, बल्कि समाज में नैतिकता और ईमानदारी के महत्व पर जोर भी दिया।
कार्यक्रम में बिजली बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी संस्थान और समाज के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर भ्रष्टाचार के प्रभाव और उससे निपटने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा भी की गई।
बिजली बोर्ड के कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों और पेंशनरों को अपने कार्यस्थल पर पारदर्शिता, जिम्मेदारी और नैतिकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करना चाहिए और किसी भी अनुचित प्रथा या रिश्वत देने/लेने से दूर रहना चाहिए।
कार्यक्रम में पेंशनरों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार समय पर सही और पारदर्शी कामकाज से संगठन में विश्वास और प्रतिष्ठा बढ़ती है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने कार्यों में अनुशासन और ईमानदारी को सर्वोपरि रखें।
इस अवसर पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान से कर्मचारियों और जनता के बीच विश्वास बढ़ता है और संस्थानों की कार्यक्षमता में सुधार आता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रष्टाचार विरोधी दिवस जैसे कार्यक्रम समाज में नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना को जागृत करते हैं। इससे न केवल सरकारी संस्थानों में ईमानदारी बढ़ती है, बल्कि जनता के प्रति सेवा की गुणवत्ता भी सुधरती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शपथ ली कि वे अपने कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार की गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे और समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देंगे। साथ ही उन्होंने युवाओं और नए कर्मचारियों को भी भ्रष्टाचार विरोधी गतिविधियों में भाग लेने और जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।