Himachal: हिमस्खलन के खतरे के चलते क्षेत्र में चेतावनी

Update: 2026-04-04 13:01 GMT
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: अटल टनल रोहतांग का नॉर्थ पोर्टल हिमस्खलन के खतरे के चलते नो-गो ज़ोन घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का प्रवेश तब तक निषिद्ध रहेगा जब तक सुरक्षा का पूरा आकलन नहीं हो जाता।
हिमस्खलन की संभावना को देखते हुए सेना, एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट और भूस्खलन विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर यह कदम उठाया गया। अधिकारी बताते हैं कि भारी बर्फबारी और तापमान में बदलाव के कारण पोर्टल के आसपास की ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
नॉर्थ पोर्टल के पास वाहनों और पैदल यात्रियों के प्रवेश पर कड़ाई से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अनदेखी से जान-माल का नुकसान हो सकता है। स्थानीय नागरिकों और टूरिस्ट्स को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात जवान और नागरिक सुरक्षा कर्मी लगातार भूस्खलन और बर्फ गिरने की संभावना पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने इस क्षेत्र में आने वाले सभी वाहनों और ट्रैफिक को रोकने के लिए अस्थायी बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड लगाए हैं।
इससे पहले भी अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल क्षेत्र में छोटे-छोटे हिमस्खलन और बर्फीली चट्टानों के गिरने की घटनाएँ सामने आई थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ज़ोन संवेदनशील और जोखिम भरा है, इसलिए इसे नो-गो क्षेत्र घोषित करना आवश्यक था।
पर्यटन और यातायात पर असर पड़ने के बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। टूरिस्ट्स और स्थानीय लोग वैकल्पिक रास्तों और सरकारी निर्देशों का पालन कर सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही खतरा कम होगा और भूस्खलन का जोखिम समाप्त होगा, उन्हें क्षेत्र को सामान्य रूप से खोलने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने लोगों से संयम और धैर्य रखने की अपील की।
इस प्रकार, हिमाचल प्रदेश में अटल टनल का नॉर्थ पोर्टल सुरक्षा कारणों से नो-गो ज़ोन घोषित किया गया है। यह कदम प्रशासन और विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षा और बचाव को प्राथमिकता देने का एक उदाहरण है।
Tags:    

Similar News