Governor: AI और टेक्नोलॉजी बदल रही डेंटिस्ट्री की दिशा

Update: 2026-05-07 10:23 GMT
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के गवर्नर कविंदर गुप्ता ने कहा है कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया युग ला रहे हैं। उन्होंने यह बात एक मेडिकल और डेंटल कॉन्फ्रेंस में कही, जिसमें देशभर के दंत चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए।
गवर्नर ने बताया कि AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से दंत चिकित्सा में मरीजों के लिए सटीक, तेज़ और प्रभावी उपचार संभव हो गया है। उन्होंने कहा कि अब डॉक्टर जटिल दंत समस्याओं का निदान पहले की तुलना में जल्दी और अधिक सटीक रूप से कर सकते हैं।
कविंदर गुप्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि डिजिटल इमेजिंग, 3D प्रिंटिंग और AI-सक्षम डायग्नोस्टिक टूल्स ने दांतों और मसूड़ों की जटिल बीमारियों के इलाज में क्रांति ला दी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये तकनीकें न केवल इलाज की गुणवत्ता बढ़ा रही हैं, बल्कि मरीजों के अनुभव को भी बेहतर बना रही हैं।
गवर्नर ने कहा, "AI और मशीन लर्निंग के उपयोग से हम रोगियों की मेडिकल हिस्ट्री, एक्स-रे और अन्य डेंटल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण करके व्यक्तिगत उपचार योजनाएं तैयार कर सकते हैं। इससे मरीजों को कम समय में और अधिक सटीक उपचार मिलता है।"
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मेडिकल और डेंटल शिक्षा को डिजिटल बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य के शैक्षिक संस्थान अब AI और डिजिटल टूल्स के प्रशिक्षण को अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा बना रहे हैं, ताकि नए दंत चिकित्सक तकनीकी रूप से सक्षम और नवाचार-प्रेरित हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि डेंटिस्ट्री में AI का प्रभाव भविष्य में और बढ़ने वाला है। ऑटोमेटेड डायग्नोसिस, रोबोटिक सर्जरी और डिजिटल प्रोट्थेटिक्स जैसी तकनीकें धीरे-धीरे आम हो रही हैं। गवर्नर ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार इन तकनीकों को अपनाने और उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने में सक्रिय है।
गवर्नर ने डॉक्टरों और छात्रों से अपील की कि वे नई तकनीकों को अपनाने में पीछे न रहें और लगातार अपडेटेड कौशल और ज्ञान हासिल करें। उनका मानना है कि तकनीकी नवाचार और मानव संसाधन का संयोजन ही भविष्य में डेंटल स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बना सकता है।
इस अवसर पर आयोजित सेमिनार में कई दंत विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और यह बताया कि किस प्रकार AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी ने उनके प्रैक्टिस को प्रभावी बनाया है। गवर्नर ने इस पहल की सराहना की और कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार के लिए अग्रणी बन सकता है।
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