हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार को लेकर भाजपा की रोष रैली में दिए गए बयानों के मामले में हमीरपुर सदर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा की शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में बुधवार को गांधी चौक पर आयोजित भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है।

बुधवार को जिला भाजपा की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ हमीरपुर के गांधी चौक पर रोष रैली और धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने जमीन की खरीद-फरोख्त, हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण और रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद सहित कई विषयों को लेकर आरोप लगाए और सरकार से जवाब मांगा था।

रैली के दौरान आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री के परिवार से संबंधित जमीन को लेकर भी आरोप लगाए। विधायक ने जमीन की खरीद, मूल्यांकन और बाद में सरकारी विभाग को जमीन दिए जाने से जुड़े लेनदेन पर सवाल उठाए। ये विधायक के आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू इससे पहले विधानसभा में इसी तरह के जमीन संबंधी आरोपों का जवाब दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि संबंधित भूमि पर पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में आईपीएच विभाग ने पानी की टंकियां बनाई थीं और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया उसी पृष्ठभूमि में हुई थी।

विधायक ने हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण को लेकर भी सरकार से सवाल किए थे। उन्होंने दावा किया था कि परियोजना की शुरुआती टेंडर राशि और बाद में किए गए भुगतान में बड़ा अंतर है। इसके अलावा रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। ये आरोप भी फिलहाल विधायक के राजनीतिक दावों के रूप में सामने आए हैं।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने विधायक के आरोपों का विरोध किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कुमार, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विधायक को मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने विधायक से अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने की मांग भी की।

इसके बाद एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विधायक की ओर से मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले और तथ्यों से परे बयान दिए गए। इसी शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हमीरपुर के एसपी बलवीर ठाकुर ने शिकायत मिलने और सदर थाना पुलिस द्वारा जांच किए जाने की पुष्टि की है। एफआईआर दर्ज होना जांच की शुरुआत है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब रैली के दौरान दिए गए बयानों और शिकायत में किए गए दावों से संबंधित तथ्यों की जांच करेगी। जांच में प्रदर्शन से जुड़े उपलब्ध वीडियो, बयान और अन्य सामग्री भी महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार से अपने उठाए मुद्दों पर जवाब मांगा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने उनके आरोपों को चुनौती देते हुए तथ्य सामने रखने को कहा है। अब मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद राजनीतिक विवाद के साथ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

आशीष शर्मा पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा रहे हैं। हालिया रोष रैली में भी उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली और विभिन्न परियोजनाओं को लेकर आरोप लगाए थे। एफआईआर के बाद पुलिस का ध्यान इस बात पर रहेगा कि शिकायत में दर्ज तथ्यों और रैली में दिए गए बयानों का कानूनी आधार क्या है।

फिलहाल सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। विधायक की ओर से लगाए गए आरोप और शिकायतकर्ता की ओर से किए गए दावे जांच के विषय हैं। जांच के निष्कर्ष आने से पहले इनमें से किसी भी विवादित दावे को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

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