हिमाचल सरकार के फैसले का कर्मचारी संगठन ने किया विरोध

Update: 2022-06-18 08:27 GMT

शिमला: हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन ने राज्य सरकार के उस फैसले का विरोध किया है, जिसके तहत सरकारी विभागों के कर्मचारी संगठनों में कर्मचारी नेताओं के कार्यकाल को 2 टर्म या 5 साल तय करने के आदेश दिए हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन की बैठक सचिवालय में हुई। इसकी जानकारी देते हुए महासचिव महेश कुमार ने बताया कि यह बैठक वरिष्ठ उपप्रधान चानन मेहता की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कर्मचारी संगठनों पर कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए कार्यालय ज्ञापन का विरोध किया जाएगा। इस ज्ञापन के अनुसार पूरे सेवाकाल के दौरान कर्मचारी मात्र दो बार ही या पांच साल की अवधि, जो भी पहले हो, तक ही किसी कार्यकारिणी संगठन के पदाधिकारी या सदस्य रह सकते हैं। कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन राज्य सरकार से इस मसले को उठाएगा, क्योंकि यह कर्मचारियों के चुनाव लडऩे के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया क्या कि संगठन इस बारे में मुख्यमंत्री से शीघ्र मिलेगा और इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बैठक में महासचिव महेश कुमार के अलावा उपप्रधान राजेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव महेंद्र सिंह और कार्यकारिणी सदस्य रमेश चंद, दीपिका ठाकुर, विनोद कुमार, विजय कुमार, कुलदीप सिंह और रक्षित कुमार उपस्थित रहे।

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