गुरु पर्व की धूम मंडी में दिखी, तड़के की सुबह निकाली प्रभात फेरी

सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव जी (Guru Nanak Dev Ji) का प्रकाशोत्सव (Prakashotsav) जिला कुल्लू के मुख्यालय अखाड़ा बाजार स्थित गुरुद्वारा में (Gurudwara) धूमधाम के साथ मनाया गया.

Update: 2021-11-19 10:37 GMT

जनता से रिश्ता। सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव जी (Guru Nanak Dev Ji) का प्रकाशोत्सव (Prakashotsav) जिला कुल्लू के मुख्यालय अखाड़ा बाजार स्थित गुरुद्वारा में (Gurudwara) धूमधाम के साथ मनाया गया. 2 सालों तक कोरोना संकट के कारण उत्सव को सीमित रूप से मनाया जाता रहा, लेकिन इस साल यहां विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. गुरु नानक देव जी का जीवन भक्ति और वैराग्य से परिपूर्ण रहा है. उन्होंने समाज को जो शिक्षाएं और उपदेश दिए हैं, वे युगों तक सदैव प्रासंगिक रहेंगे.

प्रकाशोत्सव के अवसर पर शुक्रवार तड़के प्रभात फेरी निकाली गई. वहीं, दोपहर तक अरदास का आयोजन किया गया. इसके बाद आयोजित लंगर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. अखाड़ा बाजार में प्रकाशोत्सव के मौके पर गुरुद्वारे को फूलों और लाइटों से सजाया गया था. गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Gurdwara Management Committee) के अध्यक्ष जीएस बब्बू ने बताया कि बुधवार को अखंड पाठ का आयोजन रखा गया था और शुक्रवार को उसका भोग डाला गया है.
गुरु नानक जी (Guru Nanak Dev) के प्रकाशोत्सव को लेकर यहां लोगों में काफी उत्साह है और सभी धर्मों के लोगों ने गुरुद्वारा में आकर लंगर भी ग्रहण किया है. जीएस बब्बू ने बताया कि यह प्रकाश पर्व हमें गुरू नानक देव के बताए हुए मार्ग पर चलने और उनकी शिक्षा को आचरण में उतारने का मार्ग दिखाता है. उनकी शिक्षा में 'इक ओंकार सत नाम' का मूल मंत्र गहन प्रेरणा देने वाला है. उन्होंने कहा कि भलाई के मार्ग पर चलने के सिद्धांत, करुणा, न्याय और समानता की भावना को प्रदर्शित करने वाली उनकी शिक्षाएं मानव जाति का मार्गदर्शन करने वाली हैं.
वहीं, मंडी शहर के (Mandi City) ऐतिहासिक गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारे (Guru Gobind Singh Gurdwara Mandi) में भी गुरु नानक देव जी की 552वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई. गुरुद्वारा कमेटी द्वारा इस मौके पर कई के कार्यक्रम आयोजित किए गए. इसमें प्रभात फेरी, शब्द कीर्तन दरबार आदि कार्यक्रम शामिल रहे. गुरुद्वारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, इस दौरान सभी ने सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के पहले गुरु नानक देव जी के वचनों का श्रवण किया.

इस दौरान विभिन्न स्थानों से आए रागी जत्थों ने भी कीर्तन के माध्यम से गुरु की महिमा का बखान किया. इस मौके पर गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा के ग्रंथी ने बताया कि सुबह से ही गुरुद्वारे में पूरा दिन सेवा और भक्ति का संगम चल रहा है. उन्होंने इस पावन मौके पर समस्त साध संगत को बधाई दी साथ ही सभी से गुरु नानक देव जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की जयंती (Guru Nanak Dev Ji Jayanti) पर देश में किसान आंदोलन (Kisan Andolan) की जीत हुई (Farmers Protest) है, जो कि सत्य की जीत है. इसके लिए ग्रथी सुखदेव सिंह ने देश के सभी किसानों को बधाई भी दी है.


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