शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी कांग्रेस की जनता को दी गई 10 गारंटी में से 5वीं गारंटी से मुकर गए हैं। ऐसा लग रहा है कि गारंटियों के मामले में यह सरकार यू टर्न की सरकार बन कर रह गई है। सरकार एक-एक करके अपनी सभी गारंटियों से मुकरने लगी है। उन्होंने कहा कि बागवानी मंत्री ने कहा कि हिमाचल के बागवान अपने फलों की कीमत तय नहीं कर पाएंगे परंतु अगर वह अपने मैनिफेस्टो को ध्यान से पढ़ें तो उसमें स्पष्ट लिखा है कि फलों की कीमत बागवान ही तय करेंगे। सरकार केवल बागवानों को उचित मूल्य देने की बात कर रही है। सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र से 12 लाख लोगों को रोजगार मिलता है।
राज्य में अढ़ाई लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बागवानी की जाती है। हिमाचल में लगभग 4 लाख से अधिक बागवान परिवार हैं और हिमाचल की आर्थिकी को इस कारोबार से संबल मिलता है। आज हिमाचल की जनता हताश है कि जिस वायदे को कर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई, उससे कांग्रेस पार्टी बड़ी जल्दी पलट गई। इस तरह पलटना हिमाचल के बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ बड़ा धोखा है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी केवल जनता को गुमराह कर सत्ता में आई है और जिस प्रकार से उसने अपने 10 वायदे जनता के बीच में रखे हैं वे सभी एक-एक करके झूठे साबित हो रहे हैं। सुरेश कश्यप ने कहा कि ये सरकार इंतजार की सरकार है। पहले कर्मचारी ओपीएस का इंतजार कर रहे हैं, महिलाएं प्रतिमाह 1500 रुपए का इंतजार कर रही हैं, युवा 5 लाख नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं और अब बागवान अपने फलों के दामों को स्वयं तय करने का इंतजार कर रहे हैं।
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