बादल फटने की मार : 8 लापता, 2 शव मिले, एक कामगार को बचाया गया

Update: 2025-06-26 13:35 GMT
Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच बुधवार को हिमाचल में आसमान से कहर बरपा। हालांकि, आज माैसम खुलने से कुछ राहत मिली है। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
सैंज में जीवानाला में बादल फटने से हुई तबाही के बाद गुरुवारी को पिन पार्वती नदी का जलस्तर कम हो गया है। ऐसे में यहां बिहाली गांव में लापता तीन लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू दल घटनास्थल पर पहुंचा। एनडीआरएफ की एक टीम भी पहुंची है। बुधवार को धर्मशाला और कुल्लू में पांच जगह बादल फटने से भारी तबाही के बीच पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब आठ लोग लापता हैं। इसमें ये कुल्लू में तीन व धर्मशाला में पांच लोग लापता हैं। खनियारा स्थित मनूणी खड्ड में बहे श्रमिकों को खोजने के लिए दूसरे दिन भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की ओर से बचाव अभियान जारी है।
बचाव दल की टीमों ने एक कामगार को सुरक्षित बाहर निकाला है। जबकि एक अन्य कामगार का शव खड्ड से बरामद हुआ है। कुल मिलाकर अभी तक पिछले दो दिनों में तीन कामगारों के शव बरामद किए जा चुके हैं। एनडीआरएफ के कमांडेंट बलजिंदर सिंह खुद मौके पर हैं। बारिश के कारण कुछ देर के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है। माना जा रहा है कि अभी तक 5 श्रमिक लापता हैं। मृतकों में चैन सिंह(20) पुत्र मुल्ख राज गांव कुमडी, जिला डोडा, आदित्य ठाकुर पुत्र शिव कुमार निवासी राख चंबा, सोहनपुर देवरिया यूपी के प्रदीप वर्मा(35) पुत्र राम कांत वर्मा शामिल हैं। लवेली पुत्र सूरमा राम निवासी पूना जिला को सुरक्षित बचाया गया है। मनाली के तहत वाले बकरथाच से 50 और हामटा-छतडू ट्रैक से 31 ट्रैकरों को रेस्क्यू कर लिया गया है।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। 25 जून को कुल्लू में हुई भारी बारिश के बाद बकरथाच की तरफ गए थे, लेकिन यहां एक नाले में बाढ़ के बाद ट्रैकर फंस गए। ऐसे में इन्हें रात बकरथाच में ही बितानी पड़ी। हालांकि इनके पास राशन आदि की सुविधा थी। गुरुवार सुबह इन्हें जिला प्रशासन ने रेस्क्यू किया। वहीं दूसरी ओर हामटा दर्रे से छतडू की ओर ट्रैकिंग कर रहा 31 ट्रैकर्स का समूह अपने निर्धारित समय पर गंतव्य पर नहीं पहुंच पाया। सूचना मिलते ही कोकसर से एक रेस्क्यू टीम रवाना हुई। खराब मौसम के बावजूद पुलिस की सतर्कता ने कुछ ही घंटों में सभी 31 ट्रैकरों को खोज लिया।
रेस्क्यू के बाद सभी को प्राथमिक चिकित्सकीय जांच के लिए निकटवर्ती केंद्र ले जाया गया। अब उनकी हालत सामान्य है। पुलिस ने ट्रैकरों के परिजनों को भी इसकी तुरंत सूचना दे दी है। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति इल्मा अफरोज ने बताया कि कठिन पर्वतीय इलाके में इस प्रकार की घटनाओं के लिए टीमें हमेशा तैयार रहती हैं। वहीं दूसरी कुल्लू जिले में 27, 28 जून को ऑरेंज अलर्ट है। ऐसे में कुल्लू जिला में आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए सफर करें और नदी नालों के समीप न जाएं। उपायुक्त तोरुल एस रविश ने कहा कि पर्यटक खराब मौसम के बीच सावधानी बरतें।
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