मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशों के तहत दूसरे राज्यों को अतिरिक्त बिजली बेचने की दरों पर फिर से काम कर रहा है। सचिवालय में अपने नए ऑफिस से काम शुरू करने के पहले दिन पत्रकारों से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि केरल को 14.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से अतिरिक्त बिजली बेचने के लिए बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य पहले से ही तमिलनाडु को 13.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की मुफ्त बिजली बेचने के लिए एक अलग एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम बनाया गया है, जिससे सालाना रेवेन्यू 1,900 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,400 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा, "हमने सिस्टम की कमियों को दूर किया है और ज़्यादा रेवेन्यू कमाना शुरू कर दिया है।"
सुक्खू ने कहा कि सरकार राज्य के जल संसाधनों से कमाई करने के तरीकों पर भी विचार कर रही है। हिमाचल अपनी नदियों से पानी की सप्लाई करके पंचकूला और दूसरे इलाकों की ज़रूरतें पूरी कर सकता है, जिससे कमाई का एक और ज़रिया बनेगा। उन्होंने कहा, "अगर हमारे पास पानी है और कहीं और इसकी ज़रूरत है, तो हम इसे क्यों न बेचें?"
शानन पावर प्रोजेक्ट पर सुक्खू ने कहा कि सरकार लंबे समय से लंबित इस मामले पर काम कर रही है और BBMB के बकाया पैसे मिलने से सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए हिमाचल को सालाना लगभग 7,000 करोड़ रुपये की ज़रूरत है और 2032 तक राज्य आर्थिक रूप से सरप्लस (अतिरिक्त आय वाला) बन सकता है।
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