शिमला। हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। हिमाचल भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस सरकार के खिलाफ मंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शन तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सरकार की नीतियों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने उठाने पर जोर दिया।श्रीकांत शर्मा के इस आह्वान को भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। मंडल स्तर पर प्रदर्शन तेज करने से पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं को उठाने का अवसर मिल सकता है।
मंडल स्तर पर आंदोलन तेज करने का आह्वान
भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को और प्रभावी बनाएं। मंडल स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने और जनता से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने पर विशेष जोर दिया गया है।भाजपा का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाना है। पार्टी के मंडल संगठन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं।
कुल्लू में संगठनात्मक बैठक के दौरान सरकार पर निशाना
26 अक्टूबर को कुल्लू में आयोजित भाजपा की संगठनात्मक बैठक में श्रीकांत शर्मा ने जिले में पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में बूथ समितियों की सक्रियता, पदाधिकारियों की भागीदारी और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा हुई।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता से किए गए चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। शर्मा ने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और बेरोजगारी से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने को कहा।
महिलाओं को 1500 रुपये देने के वादे पर सवाल
श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने के वादे, बंद की गई योजनाओं और पंचायतों के विकास कार्यों से संबंधित समस्याओं को उठाने की बात कही।उन्होंने पार्टी के मंडल पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं की पहचान करें और उन्हें लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। भाजपा इन मुद्दों को मंडल और जिला स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।
575 बूथों पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
बैठक में कुल्लू जिले के संगठनात्मक ढांचे की भी समीक्षा की गई। जिले की चार विधानसभा सीटों के अंतर्गत 575 बूथ और 165 ग्राम केंद्र हैं। सभी 12 मंडलों में पार्टी विस्तारकों के पहुंचने की जानकारी दी गई।श्रीकांत शर्मा ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विस्तारक संबंधित बूथ पर पूरा दिन बिताए और घर-घर संपर्क करे। उन्होंने बूथ समितियों के सदस्यों का व्यक्तिगत सत्यापन करने तथा उनकी वास्तविक सक्रियताका आकलन करने पर जोर दिया।संगठनात्मक सत्यापन अभियान को अगले 15 से 20 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नशे और कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया
भाजपा प्रभारी ने हिमाचल प्रदेश में चिट्टा जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थों की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम लोगों से नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए। स्थानीय समस्याओं को समझकर उन्हें उचित मंच पर उठाना भी जरूरी है।
जनजातीय क्षेत्रों की समस्याओं पर भी चर्चा
इससे पहले लाहौल-स्पीति के दौरे के दौरान श्रीकांत शर्मा ने दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाए थे।उन्होंने आरोप लगाया था कि कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सर्दियों और बर्फबारी से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा संपर्क मार्गों की मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग भी की थी।
कार्यकर्ताओं को जनता से संपर्क बढ़ाने के निर्देश
श्रीकांत शर्मा ने बूथ अध्यक्षों, समिति सदस्यों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने को कहा। उन्होंने महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, किसान मोर्चा और अन्य संगठनात्मक इकाइयों के पदाधिकारियों की सक्रियता की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।बैठक में जिला अध्यक्ष अमित सूद, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।भाजपा की इस पहल के बाद हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ मंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शनों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, भाजपा द्वारा लगाए गए आरोप पार्टी का राजनीतिक पक्ष हैं और इन पर राज्य सरकार का जवाब भी महत्वपूर्ण होगा।