शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के बाहर आयोजित प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला जलाने की कोशिश को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई।भाजपा नेताओं ने खड़गे की कथित टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश और जिला स्तर के कई पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता शामिल हुए।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर जुटे भाजपा कार्यकर्ता
शिमला में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति कथित अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर नाराजगी व्यक्त की।पुतला जलाने की कोशिश के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की हुई। घटना के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
भाजपा नेताओं ने खड़गे के बयान की आलोचना की
भाजपा के शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे प्रधानमंत्री के प्रति अनुचित भाषा का इस्तेमाल बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक विरोध के दौरान मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो राजनीतिक संवाद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने बयानों में संयम बरतने की मांग की। ये आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
सांसद सिकंदर कुमार ने भी साधा निशाना
भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करना भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।सिकंदर कुमार ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस की ओर से इस तरह की बयानबाजी जारी रही, तो भाजपा देशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से खेद जताने और राजनीतिक संवाद में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की मांग की।
पटना की सभा में हुई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। यह कार्यक्रम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने प्रधानमंत्री के पिता का उल्लेख करते हुए बयान दिया, जिसे भाजपा ने आपत्तिजनक बताया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की और सोमवार को देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए।
देशभर में भाजपा का विरोध प्रदर्शन
शिमला के अलावा पटना, दिल्ली और अन्य शहरों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने खड़गे की टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर पुतले जलाए गए और कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की गई।इस विवाद ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक असहमति के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।फिलहाल शिमला में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की घटना भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। मामले में किसी के घायल होने या गिरफ्तारी की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।