नाहन। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नाहन स्थित अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बिंदल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में अराजकता, गुंडाराज और माफिया राज बढ़ रहा है।
बिंदल ने शिमला में चुनाव विभाग के कार्यालय से जुड़े हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस बल की मौजूदगी में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय को आग लगाने की धमकी देने और पुलिस के वाहन पर चढ़कर उसे क्षतिग्रस्त करने जैसी घटनाएं गंभीर हैं और इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी एक दिन पहले इसी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर चुनाव विभाग के कार्यालय में अराजकता, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया था।
पुलिस की मौजूदगी में घटना पर उठाए सवाल
डॉ. राजीव बिंदल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि घटनाक्रम पुलिस की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के सामने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और सरकारी कार्यालय को आग लगाने की धमकी दी गई। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी घटनाओं के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
बिंदल ने दावा किया कि घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद थे। उनका आरोप है कि सत्ता के दबाव में पुलिस को हड़काया गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। ये आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ होने वाली पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कांग्रेस सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। बिंदल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ और पुलिस को धमकाने के आरोप लगने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।
कांग्रेस सरकार पर बिंदल का हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक संरक्षण के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बिंदल के मुताबिक सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय और सरकारी वाहन जनता की संपत्ति हैं और इन्हें नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिमला में हुई घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी आरोप लगाया था कि चुनाव विभाग के कार्यालय में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। ठाकुर ने इसे गंभीर घटना बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
सोलन के कार्यक्रम पर भी साधा निशाना
पत्रकार वार्ता के दौरान बिंदल ने सोलन में कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेताओं ने अपनी ही सरकार के सामने सोलन से जुड़े मुद्दे उठाए और मुख्यमंत्री पर क्षेत्र की अनदेखी के आरोप लगाए। बिंदल ने इसे सरकार के भीतर असंतोष से जोड़कर पेश किया।
बिंदल पिछले कुछ दिनों से प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। 23 सितंबर को भी उन्होंने नाहन में पत्रकार वार्ता कर टैक्स, विभिन्न शुल्क, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी खर्च जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की थी।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल
डॉ. बिंदल ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों को लेकर पहले से चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रही है। यह भाजपा नेता का राजनीतिक आरोप है और कांग्रेस की ओर से इस पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि राजनीतिक पहचान से अलग कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल शिमला के घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर दोनों ने सरकारी संपत्ति को कथित नुकसान और चुनाव विभाग के कार्यालय में हुए घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों पर सरकार या कांग्रेस का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।