Himachal बिजली बोर्ड के 43 हजार कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा लाभ

Update: 2026-07-07 11:16 GMT

शिमला : हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। बोर्ड ने सात सूचीबद्ध बैंकों के साथ कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल से बिजली बोर्ड से जुड़े करीब 43 हजार कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे।

शिमला स्थित विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. प्रबोध सक्सेना की उपस्थिति रही। इस दौरान बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित बैंकों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा विशेष लाभ

बिजली बोर्ड की ओर से शुरू किए गए कॉरपोरेट सैलरी पैकेज का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस समझौते के तहत कर्मचारियों और पेंशनरों को बैंकिंग सेवाओं में विशेष सुविधाएं और योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से कर्मचारियों को आर्थिक सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी और उन्हें सामान्य बैंकिंग सेवाओं के अलावा अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।

सात बैंकों के साथ हुआ करार

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने इस योजना को लागू करने के लिए सात सूचीबद्ध बैंकों के साथ समझौता किया है। एमओयू के तहत बैंक और बोर्ड मिलकर कर्मचारियों तथा पेंशनरों के लिए सुविधाजनक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।

इस समझौते को कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों को वेतन और पेंशन से संबंधित बैंकिंग सुविधाओं में अधिक विकल्प मिलेंगे।

विद्युत भवन में हुआ कार्यक्रम

एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन शिमला के विद्युत भवन में किया गया। इस अवसर पर बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. प्रबोध सक्सेना मौजूद रहे।

कार्यक्रम में निदेशक (वित्त) श्रवण कुमार मांटा (एचएएस), कार्यकारी निदेशक (कार्मिक) ईशा ठाकुर, बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने इस पहल को कर्मचारियों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।

कर्मचारियों के कल्याण पर बोर्ड का जोर

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड समय-समय पर अपने कर्मचारियों के लिए विभिन्न योजनाएं और सुविधाएं लागू करता रहा है। इस नई पहल को भी कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक कल्याण से जोड़कर देखा जा रहा है।

बोर्ड का मानना है कि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अपने कार्य को और बेहतर तरीके से कर सकेंगे।

पेंशनरों को भी मिलेगा फायदा

इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनरों को भी इसका फायदा मिलेगा।

बिजली बोर्ड से जुड़े हजारों पेंशनर लंबे समय से बेहतर बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं की जरूरत महसूस करते रहे हैं। कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के माध्यम से उन्हें भी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा

कॉरपोरेट सैलरी पैकेज कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से कर्मचारियों और पेंशनरों को अपने वित्तीय मामलों के प्रबंधन में आसानी होगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की योजनाएं कर्मचारियों और संस्थान के बीच विश्वास को मजबूत करती हैं।

बोर्ड और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय

एमओयू के बाद हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड और संबंधित बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे कर्मचारियों को बैंकिंग सेवाओं से जुड़े मामलों के समाधान में भी आसानी होने की उम्मीद है।

बैंकों के प्रतिनिधियों ने भी कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।

43 हजार लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

बोर्ड के अनुसार, इस योजना से लगभग 43 हजार कर्मचारी और पेंशनर सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक इस सुविधा का पहुंचना इसे महत्वपूर्ण पहल बनाता है।

बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह समझौता कर्मचारियों के हित में लंबे समय तक प्रभावी साबित होगा।

कर्मचारियों में खुशी का माहौल

कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू होने की खबर से बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की सुविधाएं उनके आर्थिक प्रबंधन को आसान बनाएंगी।

बोर्ड की यह पहल कर्मचारियों के कल्याण और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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