गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर क्षेत्र में हर मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने हाईवे की मौजूदा स्टार्म वाटर ड्रेन की क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
अधिकारियों का मानना है कि ड्रेन को चौड़ा करने से बारिश के दौरान पानी की निकासी तेज होगी और हाईवे तथा सर्विस लेन पर जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
मानसून में जाम और जलभराव बनी थी बड़ी समस्या
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर क्षेत्र लंबे समय से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझता रहा है।
तेज बारिश के दौरान हाईवे और आसपास की सर्विस लेन पर पानी जमा हो जाता था, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती थी और कई बार लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था।
इस समस्या के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम
इस बार मानसून में जलभराव की स्थिति से राहत मिलने के बाद प्रशासन ने स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है।
GMDA ने मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत हाईवे की वर्तमान स्टार्म वाटर ड्रेन को चौड़ा किया जाएगा, जिससे अधिक मात्रा में बारिश का पानी तेजी से बाहर निकल सके।
अधिकारियों का कहना है कि जल निकासी क्षमता बढ़ने से बारिश के दौरान पानी जमा होने की संभावना कम हो जाएगी।
पहले भूमिगत ड्रेन बनाने की थी योजना
नरसिंहपुर में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए पहले हाईवे के नीचे एक नई भूमिगत ड्रेन बनाने की योजना पर विचार किया गया था।
इस योजना के तहत भूमिगत पाइपलाइन बिछाकर बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रस्ताव था।
हालांकि, अब परिस्थितियों को देखते हुए इस योजना में बदलाव किया गया है।
सर्विस लेन कंक्रीट होने से बदली रणनीति
जानकारी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से हाईवे की सर्विस लेन को कंक्रीट से तैयार किया जा रहा है।
ऐसे में नई भूमिगत ड्रेन बनाने के लिए दोबारा निर्माण कार्य करना चुनौतीपूर्ण हो सकता था।
इसी को देखते हुए GMDA ने मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था को ही मजबूत करने का फैसला किया है।
कम समय में बढ़ेगी जल निकासी क्षमता
GMDA अधिकारियों के अनुसार, पहले से बनी ड्रेन को चौड़ा करना नई ड्रेन बनाने की तुलना में आसान और कम समय लेने वाला विकल्प है।
इससे सड़क निर्माण कार्यों में ज्यादा बाधा भी नहीं आएगी और जल निकासी की क्षमता भी बढ़ जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूरा होने के बाद मानसून के दौरान हाईवे पर पानी जमा होने की समस्या में काफी कमी आएगी।
वाहन चालकों को मिलेगी राहत
दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है।
इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
ड्रेनेज सिस्टम मजबूत होने के बाद वाहन चालकों को जाम और पानी भरने जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन की नजर बेहतर मानसून प्रबंधन पर
बारिश के दौरान शहरों में जलभराव रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा है।
GMDA का यह कदम मानसून प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जल्द शुरू होगा ड्रेन विस्तार कार्य
अधिकारियों के अनुसार, योजना को अंतिम रूप देने के बाद ड्रेन विस्तार का काम शुरू किया जाएगा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके, ताकि नरसिंहपुर क्षेत्र में हाईवे पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।