सिद्धार्थनगर। उमस भरी गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। दिन में बार-बार बिजली की आंख-मिचौली और रात में लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और विभागीय कर्मचारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने नियमित और निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। दिन में कई बार बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, रात में लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों को उमस और गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से कटौती का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया जाता है।
रविवार को जब बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हुई तो बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए। ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों से बिजली कटौती की समस्या को लेकर बातचीत की और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी के इस मौसम में बिजली की नियमित आपूर्ति बेहद जरूरी है। इसके बावजूद लगातार आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, दिन के समय तापमान अधिक रहने के कारण पंखा और कूलर के बिना घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। बिजली कटते ही घरों में उमस बढ़ जाती है। कुछ देर बाद बिजली आने पर लोगों को राहत मिलती है, लेकिन थोड़ी देर में फिर आपूर्ति बंद हो जाती है। बिजली की इस आंख-मिचौली से लोगों को न तो चैन मिल रहा है और न ही रोजमर्रा के काम समय पर पूरे हो पा रहे हैं।
सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। बच्चों को गर्मी और उमस के कारण परेशानी होती है, जबकि बुजुर्गों को लंबे समय तक बिना पंखे और कूलर के रहना मुश्किल हो रहा है। बीमार लोगों के लिए भी लगातार बिजली कटौती परेशानी का कारण बनी हुई है। रात में बिजली गुल होने पर परिवार के लोगों को जागकर समय बिताना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की समस्या का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। बिजली नहीं रहने के कारण कई जगहों पर मोटर नहीं चल पा रही है, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बिजली से संचालित छोटे कारोबार और घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का स्पष्ट रोस्टर जारी किया जाए और उसी के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी तकनीकी कारण से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़े तो उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी पहले से दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अघोषित कटौती के कारण सबसे अधिक परेशानी होती है, क्योंकि लोगों को यह पता नहीं रहता कि बिजली कब आएगी।
ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों के समक्ष यह भी मांग रखी कि विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच कराई जाए। यदि कहीं तकनीकी खराबी है तो उसे तत्काल ठीक किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मामूली खराबी के कारण भी घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। समय पर मरम्मत होने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी और उमस के बीच नियमित बिजली आपूर्ति लोगों की जरूरत बन चुकी है। दिन में कामकाज के लिए और रात में आराम के लिए बिजली जरूरी है। ऐसे में लगातार कटौती से लोगों में नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने विभाग से व्यवस्था में सुधार करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली कटौती की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे फिर से सामूहिक रूप से आवाज उठाएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की निगरानी बढ़ाई जाए और निर्धारित समय के अनुसार निर्बाध बिजली दी जाए।
रविवार को विद्युत उपकेंद्र पहुंचे ग्रामीणों की नाराजगी ने बिजली कटौती की गंभीरता को सामने ला दिया। उमस भरी गर्मी में लगातार बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करेगा।