फरीदाबाद: सोशल मीडिया पर नौकरी और आकर्षक कमाई का ऑफर एक व्यक्ति के लिए आर्थिक नुकसान की वजह बन गया। ‘प्ले ब्वॉय’ की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे कथित तौर पर 89,750 रुपये ठग लिए गए। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्हाट्सऐप पर बातचीत करके लोगों को नौकरी का भरोसा दिलाते थे और अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम ट्रांसफर कराते थे। अदालत में पेश करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, ग्रेटर फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता की बातचीत फेसबुक पर आए एक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई थी। इसके बाद संपर्क व्हाट्सऐप पर पहुँच गया। शिकायत में बताया गया कि 30 और 31 अगस्त को उसे नौकरी का प्रस्ताव दिया गया। शुरुआत में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 1,200 रुपये माँगे गए। पीड़ित ने यह रकम जमा कर दी। इसके बाद भी भुगतान की माँग बंद नहीं हुई और अलग-अलग लेनदेन के जरिए उससे कुल 89,750 रुपये ले लिए गए।
मामले की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता को हर मीटिंग के बदले 20 से 30 हजार रुपये कमाने का झाँसा दिया गया था। रजिस्ट्रेशन के बाद होटल प्राइवेसी कार्ड, रूम स्कैनर कार्ड और मसाज किट जैसे नामों से पैसे माँगे गए। ये आरोपी पक्ष की ओर से बताए गए शुल्क थे, किसी वास्तविक नौकरी प्रक्रिया की पुष्टि नहीं। रिपोर्ट में चार से सात सितंबर के बीच ठगी होने और शिकायत पर 19 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में आरोपियों का संबंध नोएडा के सेक्टर-58 में किराये पर लिए गए एक कमरे से सामने आया। आरोप है कि वहीं से लोगों के साथ ऑनलाइन बातचीत करके उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया जाता था। गिरफ्तार पुरुषों की पहचान फिरोज खान और प्रकाश के रूप में बताई गई है। महिला आरोपी पर भी शिकायतकर्ता से व्हाट्सऐप पर बातचीत करने और पैसे ट्रांसफर कराने में भूमिका निभाने का आरोप है। फिलहाल ये आरोप जाँच का हिस्सा हैं
इस मामले में संपर्क की शुरुआत, नौकरी का प्रस्ताव और भुगतान की माँग लगातार एक ही बातचीत का हिस्सा बने। पहले छोटी फीस जमा कराई गई और उसके बाद नए खर्च बताए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, नौकरी के भरोसे उसने अलग-अलग रकम भेजीं। उपलब्ध रिपोर्टों में पूरी राशि वापस मिलने की पुष्टि नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी के साथ पैसे की बरामदगी मान लेना सही नहीं होगा। रकम किन खातों में पहुँची और उससे संबंधित आगे की कार्रवाई का विस्तृत विवरण भी अभी सामने आना बाकी है।
ऐसे मामलों को समझने के लिए फर्जी नौकरी के प्रस्तावों की सामान्य कार्यप्रणाली जानना उपयोगी है। सरकारी साइबर सुरक्षा पुस्तिका के अनुसार, ठग सोशल मीडिया, संदेशों और नकली विज्ञापनों के जरिए आकर्षक नौकरी का दावा करते हैं। उम्मीदवार को जल्दी चयन होने का भरोसा देकर रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण या काम की सामग्री के नाम पर भुगतान माँगा जा सकता है। कभी नकली नियुक्ति पत्र और वेबसाइट के जरिए प्रस्ताव को भरोसेमंद दिखाने की कोशिश भी होती है। यह सामान्य जानकारी है; इस मामले में हर ऐसे तरीके के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है।
नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर केवल प्रोफाइल फोटो, संदेश या किसी परिचित कंपनी के नाम पर भरोसा करने के बजाय उसकी पहचान जाँचना जरूरी है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर रिक्त पद और संपर्क विवरण देखें। संदेश भेजने वाले व्यक्ति का ईमेल तथा संगठन से संबंध अलग से सत्यापित करें। Union Bank की साइबर जागरूकता गाइड भी अत्यधिक आकर्षक ऑफर और व्हाट्सऐप के जरिए प्रसारित नौकरी के संदेशों से सावधान रहने को कहती है। बहुत कम मेहनत में असामान्य कमाई का वादा मिलने पर भुगतान से पहले जाँच करना विशेष रूप से जरूरी है।
यदि नौकरी देने से पहले बार-बार अलग शुल्क माँगा जाए, तो आगे पैसे भेजना रोककर प्रस्ताव की पुष्टि करें। किसी भुगतान को वापस पाने के लिए अतिरिक्त शुल्क माँगे जाने पर भी उसे बिना जाँच स्वीकार न करें। पहचान संबंधी दस्तावेज और बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले उनका उद्देश्य समझें। इस घटना में शिकायतकर्ता को कई नामों से भुगतान करने के लिए कहा गया था। नौकरी की शर्तें स्पष्ट न होना और भुगतान की माँग लगातार बदलना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
साइबर वित्तीय ठगी होने पर तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। बातचीत, मोबाइल नंबर, प्रोफाइल लिंक, भुगतान की रसीद और ट्रांजेक्शन आईडी सुरक्षित रखें। समय पर शिकायत कार्रवाई में मदद कर सकती है, हालांकि रकम वापसी की गारंटी नहीं होती। फरीदाबाद के मामले में भी पीड़ित की शिकायत के बाद कार्रवाई हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके खिलाफ आगे की प्रक्रिया जारी है।