हांसी: शहर की लाल सड़क पर शनिवार सुबह किराना दुकान के ऊपर बने स्टोर में आग लगने से करीब 60 से 70 हजार रुपये का सामान जलकर खराब हो गया। स्टोर में प्रवेश का सीधा रास्ता नहीं होने के कारण दमकल कर्मियों को दीवार तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि आग नीचे स्थित मुख्य दुकान और आसपास की दुकानों तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

लाल सड़क पर पिछले करीब 30 वर्षों से दुकान चला रहे सतीश ग्रोवर ने बताया कि शनिवार सुबह वह घर पर थे। इसी दौरान पड़ोसी दुकानदारों ने फोन कर दुकान के ऊपर बने स्टोर से धुआं निकलने की सूचना दी। वह तुरंत मौके पर पहुंचे और स्टोर खोलने का प्रयास किया, लेकिन अंदर आग की तेज तपिश के कारण वहां जाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने नीचे दुकान में बने रोशनदान के जरिए सबमर्सिबल की पाइप से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की और फायर विभाग को सूचना दी। दमकल गाड़ी पहुंचने तक वह स्वयं भी आग पर काबू पाने में जुटे रहे।

दीवार तोड़कर अंदर पहुंची दमकल टीम

फायर विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह करीब नौ बजे डायल 112 के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर कर्मी जसवीर सिंह, सुरेंद्र खटक और सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। स्टोर तक पहुंचने का सीधा रास्ता नहीं होने के कारण दमकल कर्मियों को दीवार तोड़नी पड़ी। इसके बाद पानी की बौछार कर आग बुझाई गई। टीम ने आग से बचा हुआ सामान भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

दुकानदार के अनुसार, दुकान का मुख्य बिजली स्विच बंद था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, आग से 60 से 70 हजार रुपये का सामान खराब हुआ है।

छोटी फायर गाड़ी की कमी से बढ़ी परेशानी

फायर कर्मी जसवीर सिंह ने बताया कि घटनास्थल तक पहुंचने में सड़क पर खड़े वाहनों के कारण परेशानी हुई और अधिक समय लगा। इसके अलावा विभाग के पास छोटी फायर गाड़ी नहीं होने से भीड़भाड़ वाले तथा संकरे इलाकों में दमकल वाहन पहुंचाने में दिक्कत आती है।

बताया गया है कि फायर विभाग में करीब दो वर्षों से छोटी गाड़ी की कमी बनी हुई है और इसके लिए मांग भी भेजी जा चुकी है। छोटी फायर गाड़ी उपलब्ध होने से तंग गलियों और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर आग लगने की घटनाओं में दमकल टीम को समय पर पहुंचने में मदद मिल सकती है।

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