Haryana इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सर्वे में बादशाहपुर तहसील के प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। खबर है कि पिछले दो सालों में करीब 25,000 रजिस्ट्रेशन में एक ही PAN का इस्तेमाल किया गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर (जांच और क्रिमिनल इंटेलिजेंस) ने तहसील ऑफिस के रिकॉर्ड की जांच करने और महंगी प्रॉपर्टी के लेन-देन में गड़बड़ियों की पड़ताल करने के लिए सात सदस्यों की एक टीम बनाई है।
डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 12,000 प्रॉपर्टी से जुड़े 15,000 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी डिपार्टमेंट को नहीं मिली। करीब 25,000 और प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि या तो लेन-देन की जानकारी नहीं दी गई थी या फिर गलत PAN नंबर दर्ज किए गए थे। इन प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन की कीमत करीब 55,000 करोड़ रुपये है। डिपार्टमेंट गड़बड़ियों के दायरे और प्रकृति का पता लगाने के लिए रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महंगी प्रॉपर्टी के लेन-देन की जानकारी क्यों नहीं दी गई और रजिस्ट्रेशन के समय PAN नंबरों की पुष्टि कैसे की गई। अब तक किसी अधिकारी की मिलीभगत साबित नहीं हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि 30 लाख रुपये से ज़्यादा की खास प्रॉपर्टी के लेन-देन की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देने के लिए 'स्टेटमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन' (SFT) की ज़रूरत होती है। हरियाणा सरकार ने मई 2026 तक का SFT डेटा दिया है, लेकिन डिपार्टमेंट ने इसकी पूर्णता और पारदर्शिता पर चिंता जताई है। जिन 260 तहसीलदारों की जानकारी का ज़िक्र डिपार्टमेंट ने किया था, उनमें से 140 ने गुरुवार की समय-सीमा से पहले अपने SFT जमा कर दिए थे, जबकि 120 ने समय-सीमा तक उन्हें जमा किया। हालांकि, एक सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ने हज़ारों रजिस्ट्रेशन में एक ही PAN के इस्तेमाल की संभावना पर सवाल उठाया और कंप्यूटर या पोर्टल लेवल पर तकनीकी खराबी की ओर इशारा किया।
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