हांसी। जिले के खेतों में धान की फसल अब मंडियों की ओर बढ़ने वाली है। इस बार जिले में करीब एक लाख 79 हजार 300 एकड़ क्षेत्र में धान की बिजाई हुई है। पिछले वर्षों की तुलना में रकबा बढ़ने के कारण हांसी की मुख्य अनाज मंडी और सिसाय सब यार्ड में इस बार धान की अधिक आवक होने की संभावना जताई जा रही है।

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होगी। खरीद प्रक्रिया 15 नवंबर तक चलेगी। किसानों की फसल की खरीद के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीनों एजेंसियां निर्धारित दिनों के अनुसार मंडियों में धान की खरीद करेंगी।

धान की कटाई शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में मंडियों में फसल की आवक बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मंडी प्रशासन और संबंधित खरीद एजेंसियों के सामने किसानों की फसल की समय पर खरीद और उठान सुनिश्चित करने की चुनौती रहेगी।

1.79 लाख एकड़ में हुई धान की बिजाई

इस खरीफ सीजन में जिले में एक लाख 79 हजार 300 एकड़ में धान की बिजाई हुई है। धान का रकबा बढ़ने के कारण मंडियों में भी फसल की आवक बढ़ने की संभावना है।

हांसी की मुख्य अनाज मंडी के साथ सिसाय सब यार्ड में भी बड़ी मात्रा में धान पहुंच सकता है। किसान फसल की कटाई के बाद उसे बेचने के लिए मंडियों में लेकर आएंगे। ऐसे में मंडियों में किसानों की संख्या और ट्रैक्टर-ट्रालियों की आवक बढ़ने की संभावना है।

धान की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद मंडियों में खरीद प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत होगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए खरीद एजेंसियों और मंडी प्रशासन के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।

एक अक्टूबर से शुरू होगी सरकारी खरीद

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए सरकारी खरीद का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। एक अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी और 15 नवंबर तक जारी रहेगी।

इस अवधि में किसानों की मंडियों में पहुंचने वाली धान की फसल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खरीदी जाएगी। सरकारी खरीद की जिम्मेदारी तीन एजेंसियों को दी गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन खरीद प्रक्रिया में शामिल रहेंगी।

तीनों एजेंसियां निर्धारित दिनों में धान की खरीद करेंगी। इससे मंडियों में खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की योजना है।

सरकारी खरीद शुरू होने के साथ किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करना होगा। खरीद एजेंसियों की ओर से फसल की गुणवत्ता और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर खरीद की जाएगी।

मंडियों में बढ़ेगी आवक

धान का रकबा बढ़ने के कारण इस बार मंडियों में पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक आवक होने की संभावना है। हांसी की मुख्य अनाज मंडी और सिसाय सब यार्ड में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

फसल की कटाई का काम शुरू होने के बाद किसान धीरे-धीरे अपनी उपज मंडियों में लेकर पहुंचेंगे। शुरुआती दिनों में आवक सामान्य रहने के बाद कटाई में तेजी आने के साथ मंडियों में फसल की मात्रा बढ़ सकती है।

अधिक आवक के दौरान मंडियों में फसल की खरीद, तौल और उठान की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। यदि एक साथ बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं तो मंडी परिसर में वाहनों का दबाव भी बढ़ सकता है।

ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए मंडी में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रखना जरूरी होगा।

तीन एजेंसियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

धान खरीद के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को जिम्मेदारी दी गई है। तीनों एजेंसियां तय कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग दिनों में धान खरीदेंगी।

सरकारी खरीद की प्रक्रिया में एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। किसानों की फसल मंडी में पहुंचने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खरीद की जाएगी।

खरीद एजेंसियों के अलावा मंडी प्रशासन को भी आवक और किसानों की सुविधा से जुड़े इंतजाम देखने होंगे। फसल की खरीद के बाद उसका समय पर उठान भी जरूरी रहेगा, ताकि मंडी परिसर में अनावश्यक रूप से फसल जमा न हो।

किसानों को समय पर खरीद की उम्मीद

धान की बिजाई का रकबा बढ़ने के कारण किसानों को इस बार अच्छी मात्रा में फसल मंडियों तक पहुंचने की उम्मीद है। सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।

किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण फसल की समय पर खरीद और भुगतान प्रक्रिया है। मंडियों में अधिक आवक होने की स्थिति में खरीद एजेंसियों पर भी काम का दबाव बढ़ेगा।

किसानों को उम्मीद है कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार चलेगी और मंडियों में उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी नहीं होगी।

15 नवंबर तक चलेगी खरीद

सरकारी खरीद का निर्धारित समय एक अक्टूबर से 15 नवंबर तक है। करीब डेढ़ महीने के इस खरीद सत्र में मंडियों में धान की आवक और खरीद का काम जारी रहेगा।

इस अवधि में धान की कटाई और मंडियों में फसल पहुंचने की गति मौसम और किसानों की कटाई की स्थिति पर भी निर्भर करेगी। मंडियों में आवक बढ़ने के साथ खरीद एजेंसियों को व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान देना होगा।

हांसी क्षेत्र में इस बार एक लाख 79 हजार 300 एकड़ में धान की बिजाई होने के कारण मंडियों में फसल की मात्रा अधिक रहने की संभावना है। मुख्य अनाज मंडी हांसी और सिसाय सब यार्ड में किसानों की बढ़ती आवक को देखते हुए खरीद और उठान व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।

फिलहाल खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए सरकारी खरीद की तारीख तय है। एक अक्टूबर से खरीद शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड तथा हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन किसानों से धान की खरीद करेंगी। बढ़े हुए रकबे के कारण इस बार मंडियों में धान की आवक पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है।

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