हिसार: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की नीले गमछे को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में बहुजन समाज के नेताओं ने गुरुवार को जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पवन बलराज सातरोड़, अमित जाटव और प्रदीप भानखड़ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि 20 अक्टूबर को जिले की उकलाना तहसील के गांव बिठमड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री कृष्ण बेदी ने नीले गमछे को लेकर टिप्पणी की थी। नेताओं के अनुसार, इस बयान से बहुजन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

नीला रंग समानता और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक

ज्ञापन में कहा गया कि बहुजन समाज के लिए नीला रंग सामाजिक सम्मान, समानता, स्वतंत्रता, न्याय और भारतीय संविधान में आस्था का प्रतीक है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंचों से वक्तव्य देते समय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।

पवन बलराज सातरोड़, अमित जाटव और प्रदीप भानखड़ ने संयुक्त रूप से कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और अभिव्यक्ति का अधिकार देता है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि उनके वक्तव्य सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करें।

उन्होंने कहा कि बहुजन समाज अपने महापुरुषों के विचारों, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध है। किसी भी समुदाय की गरिमा या भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयानों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप की अपील

नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सभी समुदायों का सम्मान और सामाजिक एकता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

इस अवसर पर एडवोकेट सुरेंद्र मेहरा, एडवोकेट सुरेंद्र इंदल, संजय चौहान और सुरेंद्र पवार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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