हिसार। हरियाणा के हिसार रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एलपीजी टैंकर वैगन से गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। मालगाड़ी में लगे एलपीजी टैंकर से गैस लीक होने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7:17 बजे एचएमईएल साइडिंग से एचपीसीएल साइडिंग असौदा, झज्जर के लिए जा रही एक मालगाड़ी हिसार रेलवे स्टेशन के पांच नंबर ट्रैक पर पहुंची थी। इसी दौरान ट्रेन मैनेजर को इंजन के पास लगे एक एलपीजी टैंकर वैगन से गैस रिसाव की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल कार्यालय को दी।
सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने बिना देरी किए सुरक्षा कदम उठाने शुरू कर दिए। जिस वैगन से गैस रिसाव हो रहा था, उसे मालगाड़ी के रैक से अलग कर दिया गया। इसके बाद उसे सूर्य नगर रेलवे फाटक के पास स्थित जिंदल साइडिंग में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, ताकि स्टेशन परिसर और यात्रियों को किसी तरह का खतरा न हो।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस मालगाड़ी में कुल 35 वैगन थे। इनमें 30 वैगन एलपीजी से भरे हुए थे, जबकि दो वैगन खाली थे। इसके अलावा दो सेफ्टी वैगन और एक ब्रेक वैन भी शामिल थी। प्रत्येक एलपीजी वैगन में लगभग 37.6 टन गैस भरी हुई थी। इतनी बड़ी मात्रा में गैस होने के कारण प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
एहतियात के तौर पर रेलवे लाइन की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई थी। स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। यात्रियों ने गैस की तेज दुर्गंध महसूस की, वहीं टैंक वैगन के वाल्व से झाग जैसा पदार्थ निकलता हुआ भी दिखाई दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
जिला दमकल अधिकारी सुरेश मान के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब एक घंटे तक लगातार प्रयास कर गैस रिसाव को नियंत्रित किया। टीम ने सावधानीपूर्वक काम करते हुए रिसाव को काफी हद तक रोक दिया। इस दौरान किसी भी तरह की आग या विस्फोट जैसी स्थिति नहीं बनी।
गैस रिसाव को नियंत्रित करने के बाद तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया। रतनगढ़ स्थित एचएमईएल रिफाइनरी और जींद से रेलवे की तकनीकी टीमों को मौके पर भेजा गया। सबसे पहले जींद की मेंटिनेंस टीम ने टैंक वैगन की जांच की। इसके बाद रतनगढ़ से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने पूरे वैगन का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सील कर दिया।
दोपहर करीब 12:30 बजे तक गैस रिसाव पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने वैगन की दोबारा जांच की और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद शाम करीब 4:30 बजे उसे वापस मालगाड़ी के रैक से जोड़ दिया गया। इसके बाद मालगाड़ी को झज्जर के असौदा के लिए रवाना कर दिया गया।
पूरे घटनाक्रम के दौरान रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी और सतर्कता के साथ काम किया। मौके पर आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम और जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार मौजूद रहे। अधिकारियों की सूझबूझ और टीमों की त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित बड़े हादसे को समय रहते रोक लिया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के दौरान यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एलपीजी टैंकर वैगनों की सुरक्षा जांच और निगरानी को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है।
हिसार रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से बड़े खतरे को टाला जा सकता है। फायर ब्रिगेड, रेलवे तकनीकी टीम और प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से एक संभावित गंभीर दुर्घटना को रोक लिया गया।