कुरुक्षेत्र में धान खरीद से जुड़ा एक और कथित घोटाला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि को 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' (MFMB) पोर्टल पर धोखे से दूसरे लोगों के नाम पर रजिस्टर कर दिया गया, जिससे वे लोग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेच सके। किसानों का दावा है कि उनके खेतों में फसल अभी भी खड़ी थी, लेकिन रिकॉर्ड में दिखाया गया कि उनका धान इस्माइलाबाद अनाज मंडी में बिक चुका है।
इस्माइलाबाद की मार्केट कमेटी को दी गई शिकायत में किसानों—प्रगत सिंह, मुनीश मलिक, सुरजीत सिंह और जशनदीप सिंह—ने आरोप लगाया कि रीना, अंश सिंगला और सूचा ने पोर्टल पर उनकी जमीन को धोखे से रजिस्टर कर दिया, जिसकी वजह से वे अपनी फसल नहीं बेच पाए। BKU (पेहोवा) के प्रवक्ता प्रिंस वराइच ने आरोप लगाया कि एक कमीशन एजेंट ने गुमथला और सरसा गांवों के किसानों की जमीन को अपने बेटे, एक मजदूर और उस मजदूर की पत्नी के नाम पर रजिस्टर कर दिया। इसके जरिए लगभग 30 लाख रुपये की कीमत का धान बेच दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशन एजेंट उत्तर प्रदेश से सस्ता धान लाकर हरियाणा में बेच रहे हैं। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर से इस मामले की जांच कराने और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों ने FIR दर्ज करने की मांग की है, जबकि वराइच ने बताया कि SP ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। वहीं, थानेसर में BKU (शहीद भगत सिंह) के सदस्यों ने फसल सत्यापन (crop verification) में देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और नायब तहसीलदार के कार्यालय पर ताला लगा दिया। उनका आरोप था कि इस देरी की वजह से वे अपनी फसल नहीं बेच पा रहे हैं।
अधिकारी का कहना है कि फसलों का सत्यापन पूरा हो चुका है और उनके स्तर पर कोई काम लंबित नहीं है। बाद में SDM अमन कुमार ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।