गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पटौदी क्षेत्र के राठीवास फ्लाईओवर पर दो ट्रालों की जोरदार टक्कर के बाद एक ट्राले के केबिन में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि केबिन में सो रहे एक हेल्पर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और उसकी जलने से मौत हो गई। वहीं, चालक और एक अन्य हेल्पर ने ट्राले से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। हालांकि, दोनों इस दौरान घायल हो गए। हादसा रात करीब डेढ़ बजे हुआ। सूचना मिलने के बाद बिलासपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मृतक की पहचान राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बबेड़ी गांव निवासी योगेश के रूप में हुई है। पुलिस ने आगे चल रहे ट्राले के चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फ्लाईओवर की ढलान पर हुई जोरदार टक्कर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात राजस्थान से गुरुग्राम की दिशा में दो ट्राले आगे-पीछे चल रहे थे। दोनों वाहनों में निर्माण सामग्री लदी हुई थी।आगे चल रहे ट्राले में टाइलें भरी थीं, जबकि पीछे चल रहे ट्राले में जीरो रोड़ी लदी हुई थी।जब दोनों ट्राले राठीवास फ्लाईओवर की ढलान पर पहुंचे, तभी आगे चल रहे ट्राले के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए।इसके कारण पीछे चल रहे ट्राले के चालक को वाहन संभालने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला और उसका ट्राला आगे वाले वाहन से टकरा गया।टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे वाले ट्राले का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।इसके बाद केबिन में आग लग गई और कुछ ही समय में आग की लपटें फैल गईं।
केबिन में सो रहे हेल्पर को नहीं मिला बचने का मौका
हादसे के समय पीछे वाले ट्राले के केबिन में चालक समेत तीन लोग मौजूद थे।इनमें चालक और दो हेल्पर शामिल थे।जानकारी के अनुसार, एक हेल्पर जाग रहा था, जबकि दूसरा हेल्पर केबिन में सो रहा था।टक्कर के बाद अचानक आग लगने से चालक और जाग रहे हेल्पर ने बाहर निकलने का प्रयास किया।दोनों ने केबिन से छलांग लगा दी और किसी तरह अपनी जान बचाई।लेकिन सो रहे हेल्पर को समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका।आग की लपटों ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया।दुर्घटना के दौरान केबिन में फंसे हेल्पर की मौत हो गई।
चालक के घुटनों में चोट, दूसरा हेल्पर झुलसा
हादसे में जीवित बचे चालक और दूसरे हेल्पर को भी चोटें आई हैं।केबिन से छलांग लगाने के दौरान चालक सड़क पर गिर गया।इससे उसके घुटनों और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।वहीं, दूसरे हेल्पर के हाथ-पैर आग की चपेट में आने से झुलस गए।हालांकि, दोनों समय रहते जलते हुए ट्राले से बाहर निकलने में सफल रहे।यदि वे कुछ समय और केबिन में फंसे रहते, तो उनके लिए खतरा बढ़ सकता था।घटना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और
दुर्घटना
के कारणों की जांच शुरू की।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
शुरुआती जानकारी के अनुसार, टक्कर के बाद पीछे चल रहे ट्राले के केबिन में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की बात सामने आई है।भीषण टक्कर से वाहन के आगे के हिस्से को नुकसान पहुंचा था।इसके तुरंत बाद केबिन में आग फैल गई।हालांकि, आग लगने का सटीक तकनीकी कारण जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।वाहन दुर्घटनाओं में कई बार टक्कर के बाद विद्युत तारों और अन्य उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने से आग लगने का जोखिम रहता है।ऐसी परिस्थितियों में केबिन के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने के लिए बहुत कम समय मिल सकता है।इस घटना में भी आग तेजी से फैलने के कारण एक हेल्पर अपनी जान नहीं बचा सका।
दमकल विभाग ने मशक्कत के बाद बुझाई आग
दुर्घटना की सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग को जानकारी दी गई।इसके बाद दमकलकर्मियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची।ट्राले के केबिन में आग लगी होने के कारण पहले आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया गया।दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई।इसके बाद पुलिस ने केबिन में फंसे हेल्पर को बाहर निकालने की कार्रवाई की।
हेल्पर गंभीर रूप से झुलसा हुआ था।
उसे पटौदी के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने मृतक की पहचान करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।राजस्थान के योगेश की हुई मौतहादसे में जान गंवाने वाले हेल्पर की पहचान योगेश के रूप में हुई है।वह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बबेड़ी गांव का निवासी था।योगेश ट्राले में हेल्पर के रूप में काम कर रहा था।
दुर्घटना के समय वह केबिन में सो रहा था।
अचानक हुई टक्कर और उसके बाद लगी आग से उसे संभलने का अवसर नहीं मिला।हादसे में योगेश की मौत की जानकारी सामने आने के बाद उसके परिवार के लिए यह घटना गहरे दुख का कारण बन गई।इस दुर्घटना ने लंबी दूरी के मालवाहक वाहनों में सफर करने वाले चालकों और सहायकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा की है।
आगे वाले ट्राले के चालक पर मामला दर्ज
बिलासपुर थाना पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आगे चल रहे ट्राले के चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने की बात सामने आई है।इसी आधार पर उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।पुलिस दुर्घटना की परिस्थितियों और दोनों वाहनों की स्थिति की जांच कर रही है।जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और दुर्घटना को टाला जा सकता था या नहीं।फिलहाल पुलिस की ओर से दर्ज आरोपों को जांच के अधीन माना जाना चाहिए।आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
हाईवे पर भारी वाहनों की सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग देश के प्रमुख व्यस्त मार्गों में शामिल है।इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक, ट्राले, बसें और निजी वाहन गुजरते हैं।विशेष रूप से रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।ऐसी परिस्थितियों में वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी रखना बेहद आवश्यक होता है।फ्लाईओवर की ढलान पर अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रहे वाहन के चालक को प्रतिक्रिया देने के लिए कम समय मिल सकता है।भारी वाहन का वजन अधिक होने के कारण उसे पूरी तरह रोकने के लिए भी अधिक दूरी की जरूरत पड़ती है।यही वजह है कि यातायात सुरक्षा नियमों में गति नियंत्रण और उचित दूरी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाता है।
लगातार ड्राइविंग और थकान भी बड़ी चुनौती
लंबी दूरी तक माल ढुलाई करने वाले वाहन चालकों को रात में भी सफर करना पड़ता है।ऐसे में पर्याप्त आराम और सतर्कता जरूरी है।थकान, नींद की कमी और लंबे समय तक वाहन चलाने से चालक की प्रतिक्रिया क्षमता प्रभावित हो सकती है।हालांकि, राठीवास फ्लाईओवर हादसे में चालक की थकान या नींद की कमी को दुर्घटना का कारण बताने वाला कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।सड़क सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है कि भारी वाहनों के चालक निर्धारित नियमों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर विश्राम करें।इसके अतिरिक्त वाहन के ब्रेक, टायर और अन्य तकनीकी हिस्सों की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण है।
कुछ दिन पहले भी हाईवे पर हुआ था हादसा
राठीवास फ्लाईओवर के आसपास इससे पहले भी सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं।25 अक्टूबर को इसी क्षेत्र के पास एक ट्रक की टक्कर से लोडिंग टेंपो चालक की मौत हो गई थी।मृतक की पहचान गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा निवासी जसवंत के रूप में हुई थी।उस दुर्घटना के बाद भी बिलासपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थीअलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं के सामने आने से इस मार्ग पर यातायात सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता रेखांकित होती है।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
राठीवास फ्लाईओवर पर हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आगे चल रहे ट्राले के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे वाला ट्राला उससे टकराया था।टक्कर के बाद आग लगने से हादसा गंभीर हो गया।अब पुलिस दोनों वाहनों से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ दुर्घटना की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।इस हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों के सुरक्षित संचालन और रात के समय राजमार्गों पर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है।
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