Chandigarh/Amritsar चंडीगढ़/अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत राज्य को नशामुक्त बनाने के अभियान के बीच अमृतसर में नार्को-आतंक नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस विंग की स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (एसएसओसी) अमृतसर इकाई ने सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके कब्जे से 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव अवन वसाऊ निवासी सरवन सिंह उर्फ गुर्जर और गांव दयाल रंगड़ निवासी शमशेर सिंह उर्फ शेरा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की है।
डीजीपी गौरव यादव ने प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए बताया कि इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान स्थित तस्करों और पुर्तगाल में बैठे एक हैंडलर से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस नेटवर्क का संबंध पाकिस्तान के कुख्यात तस्कर मूसा से है, जिसका नाम वर्ष 2019 में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी पर हुई 532 किलोग्राम हेरोइन की बड़ी बरामदगी मामले में भी सामने आया था। उन्होंने कहा कि इस गिरोह के आगे और पीछे के सभी लिंक तलाशने के लिए गहन जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एसएसओसी अमृतसर के एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि उन्हें एक विश्वसनीय सूचना मिली थी कि दोनों आरोपियों ने कुछ दिन पहले ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भेजी गई हेरोइन की खेप हासिल की थी। इसके बाद वे अपने आकाओं के निर्देश पर इस खेप को आगे सप्लाई करने के लिए जा रहे थे। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमृतसर में महल बाईपास के पास दोनों को रोककर उनके कब्जे से 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर ली।
एआईजी ने बताया कि आरोपियों को उनके हैंडलर्स द्वारा इस तस्करी के बदले भारी मुनाफे का लालच दिया गया था। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और और भी बरामदगियां होने की संभावना है। इस मामले में अमृतसर स्थित एसएसओसी पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत तथा भारतीय वायुयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर 17 अप्रैल को दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।