अस्पताल निरीक्षण में मिली खामियां, उठे सवाल

Update: 2026-07-24 09:02 GMT

पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी ने अचानक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां और लापरवाही देखने को मिलीं। इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए महिला आयोग अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार करने के सख्त निर्देश दिए।

मरीजों ने सुनाई आपबीती, अल्ट्रासाउंड केंद्र में मिली बड़ी लापरवाही

औचक निरीक्षण के दौरान उषा प्रियदर्शनी ने सीधे विभिन्न वार्डों का दौरा किया और इलाज कराने पहुंचे मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने मरीजों से मिल रहे उपचार, पैथोलॉजी जांच सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कई मरीजों ने जांच प्रक्रिया में बेवजह की देरी और डॉक्टरों के रवैये को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी अव्यवस्था अल्ट्रासाउंड केंद्र में देखने को मिली। वहां एक गर्भवती महिला अपनी नियमित जांच के लिए आई हुई थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसकी जांच उसी दिन करने के बजाय उसे अगले बुधवार की लंबी तारीख थमा दी थी। यह देखकर महिला आयोग की अध्यक्ष काफी बिफर गईं। उन्होंने तुरंत संबंधित चिकित्सक को तलब कर इसका कारण पूछा और फटकार लगाते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को इलाज या जांच के लिए चक्कर लगवाना बेहद गंभीर लापरवाही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देना अनिवार्य है।

साफ-सफाई पर जताई नाराजगी, सीएमओ से किया जवाब-तलब

अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाद आयोग की अध्यक्ष ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों, जांच लैब्स और अन्य कमरों का जायजा लिया। इस दौरान कई स्थानों पर गंदगी और बदहाली देखकर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की कमी पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से सीधी पूछताछ की और जवाब-तलब किया।

अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट लहजे में निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता और मरीजों के बैठने व इलाज की समुचित व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए।

लापरवाही पर कार्रवाई की दी चेतावनी

निरीक्षण के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों का प्राथमिक उद्देश्य आम और गरीब जनता को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले हर एक मरीज को समय पर बेहतर उपचार और सम्मानजनक माहौल मिलना ही चाहिए।

उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में मरीजों को परेशान करने या काम में लापरवाही बरतने की शिकायत दोबारा मिलती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आयोग सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। इस औचक निरीक्षण के बाद से पूरे अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।

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