यमुनानगर के ‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को बताया प्रेरणास्रोत

Update: 2026-07-25 18:00 GMT
Haryana हरियाणा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुनानगर में आयोजित ‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही देश के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि वर्ष 1968 में स्थापित इस संस्थान ने गुरु नानक देव जी के संदेश को आत्मसात किया है। गुरु नानक देव जी ने समाज को ‘किरत करो, नाम जपो, वंड छको’ का संदेश दिया था। इसका अर्थ है ईमानदारी से मेहनत करके जीवन यापन करना, ईश्वर का स्मरण करना और अपनी कमाई व संसाधनों को जरूरतमंदों के साथ साझा करना। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों से अधिक समय में यह संस्थान केवल डिग्रियां देने का कार्य नहीं कर रहा, बल्कि देश के लिए जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
सीएम ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षण संस्थानों की भूमिका सबसे अहम होती है। शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान के योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे संस्थान युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्यमंत्री ने युवाओं से गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। ‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा के महत्व पर चर्चा की गई।
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