Chandigarh चंडीगढ़: जिला स्वास्थ्य विभाग District Health Department की टीम ने सकेत्री गांव में अवैध गर्भपात केंद्र का भंडाफोड़ किया। स्वास्थ्य विभाग को दी गई शिकायत में एक व्यक्ति ने बताया कि वह और उसकी पत्नी गर्भपात के लिए अवैध क्लिनिक चलाने वाले तुषार साहा के पास गए थे। तुषार साहा ने गर्भपात के लिए मेडिकल टर्मिनेशन (एमटीपी) किट मुहैया कराई। इसके इस्तेमाल के बाद महिला की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उसे पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया और बाद में उसे चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर रेफर कर दिया गया, जहां उसकी जीवन रक्षक सर्जरी- लैपरोटॉमी और हिस्टेरेक्टॉमी की गई। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अयोग्य चिकित्सक द्वारा चलाए जा रहे “बंगाली क्लिनिक” पर छापा मारा। तलाशी के दौरान टीम को अवैध रूप से संग्रहित एलोपैथिक दवाओं का बड़ा भंडार मिला।
पूछताछ करने पर साहा ने दंपति को एमटीपी किट मुहैया कराने की बात कबूल की। पूछे जाने पर वह मेडिकल डिग्री या मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी के लिए वैध लाइसेंस दिखाने में विफल रहा। वह केवल आयुर्वेदिक चिकित्सकों के संघ द्वारा जारी प्रमाण पत्र ही दिखा पाए, जिसके अनुसार उन्हें ऐसी चिकित्सा प्रक्रिया करने का अधिकार नहीं है। उनकी संलिप्तता एमटीपी अधिनियम की धारा 3, 4 और 5, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 120 (बी) तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34 का उल्लंघन करने वाली पाई गई।स्वास्थ्य विभाग ने साहा के खिलाफ मामला दर्ज करने और कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए एमडीसी पुलिस स्टेशन, पंचकूला को पत्र लिखा है।