गुरुग्राम। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि उनके घर से अगवा किया गया। राठी के मुताबिक, जिस समय उन्हें ले जाया गया, वह अपने घर में सो रहे थे और उनके माता-पिता भी वहां मौजूद थे। उन्होंने अपने साथ हुई कार्रवाई को ‘किडनैपिंग’ बताते हुए इस पर नाराजगी जताई। उनका यह बयान हिरासत से छोड़े जाने के बाद सामने आया है।
राठी ने वीडियो में घटनाक्रम का अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह किसी प्रतिबंधित स्थान की ओर नहीं जा रहे थे। उनके अनुसार, वह अपने घर पर थे और सो रहे थे। उन्होंने इसी आधार पर कार्रवाई को हिरासत कहे जाने पर आपत्ति जताई। राठी का कहना है कि उनके घर में घुसकर उन्हें ले जाने की घटना को सामान्य हिरासत के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में बार-बार घर में मौजूद होने की बात पर जोर दिया।
पुलिस पर आरोप लगाते हुए राठी ने कहा कि सिविल ड्रेस में लोग उनके घर में घुसे थे। उन्होंने इन लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, घटना के समय वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थे। राठी ने घर से ले जाए जाने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इसे हिरासत नहीं, बल्कि अपहरण कहेंगे। यह घटना को लेकर उनका आरोप और उनका पक्ष है।
वीडियो में राठी ने हिरासत की अपनी व्याख्या भी रखी। उन्होंने कहा कि हिरासत में उसे लिया जाता है, जो किसी प्रतिबंधित जगह जा रहा हो, जबकि वह घर में सो रहे थे। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने अपने साथ हुई कार्रवाई की परिस्थितियों पर आपत्ति जताई। हालांकि, हिरासत के बारे में उनकी यह बात उनके बयान का हिस्सा है। इसे किसी कार्रवाई की वैधता पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
राठी के बयान का मुख्य केंद्र यह है कि उन्हें कहां से और किन परिस्थितियों में ले जाया गया। उनके मुताबिक, वह घर से बाहर किसी स्थान पर पहुंचने की कोशिश नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि घर में सोते समय सिविल ड्रेस में आए लोग अंदर घुसे। अपने माता-पिता की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने घटना का विवरण दिया। इसी विवरण के आधार पर उन्होंने कार्रवाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ‘हिरासत’ शब्द को खारिज किया।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के साथ राठी ने अपनी नागरिकता को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं भारतीय नागरिक हूं, था और रहूंगा।” इसके साथ उन्होंने अपने पासपोर्ट से संबंधित चर्चाओं को गलत बताया। राठी के अनुसार, कुछ लोग उनके पासपोर्ट को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने वीडियो में इन चर्चाओं का विरोध किया और अपनी भारतीय नागरिकता की बात दोहराई।
पासपोर्ट से जुड़े दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठी ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। दिए गए बयान में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह किस विशेष पोस्ट या दावे का जवाब दे रहे थे। उनका कहना है कि उनके पासपोर्ट के बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। इसलिए इस हिस्से में उनका
स्पष्ट
पक्ष अफवाहों का खंडन और खुद को भारतीय नागरिक बताना है।
राठी ने वीडियो के माध्यम से दो मुद्दों पर अपनी बात रखी। पहला मुद्दा उनके घर से ले जाए जाने की कार्रवाई और उसका तरीका है। दूसरा मुद्दा उनकी नागरिकता तथा पासपोर्ट को लेकर होने वाली चर्चा है। उन्होंने पहले मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि दूसरे मामले में गलत अफवाहें फैलाए जाने की बात कही। दोनों विषयों पर उन्होंने अपना पक्ष सीधे सामने रखा।
घर में सो रहे होने की बात उनके बयान में महत्वपूर्ण है। राठी इसी परिस्थिति का उल्लेख करके कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वह अपने परिवार के साथ घर में थे, इसलिए उनके साथ हुई घटना को हिरासत कहने से वह सहमत नहीं हैं। लेकिन कार्रवाई को ‘अपहरण’ बताना उनका आरोप है। किसी जांच या न्यायिक निष्कर्ष के बिना इसे प्रमाणित घटना के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
उपलब्ध बयान में पुलिस की ओर से इन आरोपों का विस्तृत जवाब शामिल नहीं है। इसलिए राठी द्वारा बताए गए
घटनाक्रम
और कार्रवाई के बारे में पुलिस के पक्ष के बीच तुलना करने के लिए अतिरिक्त जानकारी जरूरी होगी। फिलहाल वीडियो में सामने आया विवरण राठी का अपना पक्ष है। घर में प्रवेश करने और वहां से ले जाने से संबंधित बातें भी उन्हीं के आरोपों के रूप में सामने आई हैं।
ध्रुव राठी ने अपने बयान में कार्रवाई के तरीके और उसे हिरासत बताए जाने, दोनों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वह घर में सो रहे थे और माता-पिता के साथ मौजूद थे। साथ ही, पासपोर्ट संबंधी अफवाहों को गलत बताते हुए अपनी भारतीय नागरिकता की बात दोहराई। उनके वीडियो में लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन घटना को लेकर अंतिम निष्कर्ष से पहले संबंधित पक्षों की पुष्टि आवश्यक है।
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