Rohtak विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि राज्य में तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों समेत आबादी के एक बड़े हिस्से पर महंगी बिजली का बोझ डालने की कोशिश की। रविवार को यहां मीडिया से बात करते हुए हुड्डा ने सवाल किया, "लोगों को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा?"
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी हर मोर्चे पर विफल रही है, चाहे वह
अर्थव्यवस्था
हो, कानून-व्यवस्था हो या बिजली आपूर्ति व्यवस्था। उन्होंने कहा, "जब हमें पहली बार गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के निजीकरण के बारे में पता चला, तो हमने अपनी चिंताएं जताई थीं। मैंने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था, लेकिन निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने पर आमादा सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसका खामियाजा पूरे राज्य को भुगतना पड़ा है।"
अब जब कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता दिखा दी है, तो सरकार उनके साथ खड़े होने का दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा, "हमें आशंका है कि सरकार अभी भी इस फैसले को आगे बढ़ा सकती है, लेकिन कांग्रेस इसका विरोध करेगी। अगर बिजली वितरण निजी हाथों में चला गया, तो किसानों को फिलहाल मिल रही सब्सिडी खत्म हो जाएगी।"
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