हिसार को मिलेगा डायमंड शेप रिंग रोड, शहर में घटेगी वाहनों की भीड़
शहर के बाहर से गुजरेंगे वाहन, हिसार में घटेगा यातायात दबाव
हिसार: बढ़ते यातायात दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए हिसार के चारों ओर नया रिंग रोड नेटवर्क तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार शहर के बाहर डायमंड शेप का रिंग रोड नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले भारी और अन्य वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही एक बाहरी मार्ग से दूसरे मार्ग पर जाने की सुविधा मिल सकेगी। इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने की योजना है।
प्रस्तावित रिंग रोड का एक सिरा हांसी-दिल्ली बाइपास पर मय्यड़ से शुरू होगा और कैमरी के पास राजगढ़ रोड से जुड़ेगा। इसका दूसरा संपर्क तलवंडी के पास पहुंचेगा, जहां से इसे सिरसा-चंडीगढ़ रोड यानी एनएच-52 से जोड़ा जाएगा। इस तरह मय्यड़, कैमरी-राजगढ़ रोड और तलवंडी-एनएच-52 के बीच बाहरी संपर्क विकसित होने से हिसार के चारों तरफ यातायात को डायवर्ट करने का विकल्प तैयार होगा।
यह पहल पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की पहल पर आगे बढ़ाई जा रही है। स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित रिंग रोड का डिजाइन तैयार किया गया है। मय्यड़ क्षेत्र में हाफ-लूप को लागत प्रभावी और व्यावहारिक विकल्प के तौर पर अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल योजना पर काम जारी है और इसे आगे सिरे चढ़ाने की दिशा में विभागीय स्तर पर कवायद की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी के अनुसार वर्तमान में करीब 25 हजार पीसीयू प्रतिदिन इनर बाइपास का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड तैयार होने के बाद इस यातायात को अलग-अलग बाहरी मार्गों पर बांटने की योजना है। विभागीय आकलन के अनुसार करीब 8 से 10 हजार पीसीयू ऐसा यातायात होगा, जिसे वास्तव में हिसार शहर में प्रवेश करना आवश्यक होगा। शेष यातायात शहर को बाइपास करते हुए बाहरी मार्गों से अपने गंतव्य तक जा सकेगा।
रिंग रोड नेटवर्क बनने के बाद बाहर से आने वाले वाहन चालकों को शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। वाहन बाहरी मार्ग से सीधे राजगढ़ बाइपास या सिरसा बाइपास की ओर जा सकेंगे। इससे शहर के अंदर अनावश्यक रूप से प्रवेश करने वाले यातायात को बाहर ही डायवर्ट करने में मदद मिलेगी।
प्रस्तावित रिंग रोड को हिसार की वर्तमान के साथ भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। बाहरी और भारी यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलने से प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने, यातायात प्रवाह बेहतर होने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है। साथ ही भीड़भाड़ वाले हिस्सों में वाहनों की संख्या कम होने से सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को घटाने में भी मदद मिल सकती है।
योजना का सबसे बड़ा असर यह होगा कि हिसार से होकर गुजरने वाला ट्रैफिक और हिसार में पहुंचने वाला ट्रैफिक अलग-अलग किया जा सकेगा। इससे शहर की सड़कों पर वही यातायात रहेगा, जिसे वास्तव में शहर के अंदर जाना है, जबकि बाहर से गुजरने वाले वाहनों के लिए रिंग रोड वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा।
डीपीआर तैयार, जमीन अधिग्रहण होगा शुरू
इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा का कहना है कि योजना की डीपीआर तैयार हो गई है। इसके लिए जरूरी बैठक भी हो चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों से बातचीत चल रही है। कोई औपचारिकताएं बाकी हैं तो उनको पूरा करने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से जमीन अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा।