फरीदाबाद। भारी बारिश के बाद फरीदाबाद में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अलग-अलग घटनाओं में बिजली का करंट लगने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में बारिश के पानी के बीच एक स्कूल बस और एक SUV फंस गई। यह वही अंडरपास है, जहां वर्ष 2024 में बैंक के दो कर्मचारियों की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। ताजा घटनाओं के बाद शहर में जलभराव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। निचले इलाकों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बीच बिजली के खंभों और खुले विद्युत ढांचे से जुड़े खतरे भी सामने आए।

सेहतपुर में डिलीवरी वर्कर की करंट लगने से मौत

सेहतपुर इलाके में शाम करीब पांच बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां बिजली के खंभे से कथित तौर पर करंट लगने के कारण Blinkit के डिलीवरी वर्कर रामखेलावन, 26 की मौत हो गई। बताया गया कि वह डिलीवरी के लिए जा रहे थे, तभी बिजली के खंभे के संपर्क में आने से हादसा हो गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। युवक की मौत की खबर फैलने के बाद सेहतपुर स्थित Blinkit स्टोर के बाहर डिलीवरी वर्कर्स ने विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि खराब मौसम के दौरान सड़क पर काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।

बारिश में डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल

भारी बारिश के दौरान बिजली के खंभों और पानी से भरी सड़कों के बीच डिलीवरी करना कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों और कंपनियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के तार या खंभे खतरा पैदा कर सकते हैं। यदि सड़क पर पानी जमा हो और विद्युत व्यवस्था में कोई खराबी हो तो करंट फैलने की आशंका रहती है।

रामखेलावन की मौत के बाद डिलीवरी वर्कर्स का विरोध प्रदर्शन इसी चिंता को सामने लाता है कि खराब मौसम में फील्ड पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

दो युवकों की मौत से बढ़ी चिंता

भारी बारिश के बाद अलग-अलग घटनाओं में बिजली का करंट लगने से दो युवकों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इससे शहर में बिजली सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मानसून के दौरान बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों के आसपास जलभराव होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समय में लोगों को पानी से भरे इलाकों में बिजली के उपकरणों और खंभों से दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।

प्रशासन और बिजली विभाग के सामने चुनौती यह है कि बारिश के दौरान ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं।

ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में स्कूल बस और SUV फंसी

भारी बारिश के कारण ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में भी स्थिति गंभीर हो गई। यहां बाढ़ के पानी में एक स्कूल बस और एक SUV फंस गई। अंडरपास में पानी भरने के कारण दोनों वाहन आगे नहीं बढ़ सके।

इस घटना ने एक बार फिर अंडरपास की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर इसलिए क्योंकि इसी स्थान पर वर्ष 2024 में बैंक के दो कर्मचारियों की पानी में डूबने से मौत हो गई थी।

पिछली घटना के बावजूद बारिश के दौरान अंडरपास में दोबारा वाहनों के फंसने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। सवाल यह है कि भारी बारिश के समय इस मार्ग पर यातायात को रोकने और लोगों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जा सके।

जलभराव वाले रास्तों पर सुरक्षा जरूरी

शहर में बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में वाहन चालकों के लिए पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। अंडरपास जैसे स्थानों पर थोड़े समय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।

स्कूल बस के फंसने की घटना विशेष रूप से चिंता पैदा करती है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। प्रशासन के लिए जरूरी है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले अंडरपास और निचले इलाकों में वाहनों की आवाजाही को समय रहते नियंत्रित किया जाए।

2024 की घटना के बाद फिर उठा सवाल

ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में 2024 में हुई मौतों की याद ताजा होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उस घटना के बाद जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई गई थी।

ताजा घटना के बाद यह सवाल फिर सामने है कि क्या अंडरपास की जलनिकासी क्षमता पर्याप्त है और क्या भारी बारिश के दौरान इसे समय रहते बंद किया जाता है।

प्रशासन के सामने कई चुनौतियां

फरीदाबाद में भारी बारिश के बाद सामने आई घटनाओं ने प्रशासन के सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। एक ओर जलभराव से निपटना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए विद्युत ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

डिलीवरी वर्कर की मौत के बाद कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन यह भी दिखाता है कि खराब मौसम में बाहर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत है।

वहीं, अंडरपास में वाहन फंसने की घटना बताती है कि जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और यातायात नियंत्रण मजबूत करने की आवश्यकता है।

फरीदाबाद में भारी बारिश के बाद सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर शहरी जलनिकासी, बिजली सुरक्षा और मानसून प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन इन घटनाओं से सबक लेते हुए संवेदनशील इलाकों में स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

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