Haryana हरियाणा पुलिस के एक जवान ने सोशल मीडिया का सही उपयोग करते हुए लापता बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई है। यह मामला राज्य में पुलिस की मानवीय और संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ बच्चे अलग-अलग परिस्थितियों में अपने परिवारों से बिछड़ गए थे और लंबे समय से उनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। परिवार लगातार उनकी तलाश में थे, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसे समय में संबंधित पुलिस जवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया और बच्चों की पहचान से जुड़ी जानकारी, फोटो और विवरण साझा करना शुरू किया।
सोशल मीडिया पर जानकारी तेजी से वायरल हुई, जिससे कई लोगों ने मदद के लिए आगे आकर सूचना दी। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने बच्चों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जांच और पुष्टि के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने बच्चों के मिलने पर राहत की सांस ली और हरियाणा पुलिस के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का इस तरह से सकारात्मक उपयोग पहले कम ही देखने को मिलता है।
पुलिस अधिकारियों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल कानून व्यवस्था और मानवीय कार्यों में बड़ा सहायक साबित हो सकता है। इस घटना ने यह भी संदेश दिया कि तकनीक का उपयोग सही दिशा में किया जाए तो यह समाज के लिए बेहद लाभकारी हो सकता है।यह पहल न केवल लापता बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में सफल रही, बल्कि इसने समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।