चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को अनुदान देने की योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों को प्रदर्शन प्लॉट लगाने और नई तकनीकों से गन्ने की खेती करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से संचालित ‘गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना’ के तहत यह योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य गन्ने की खेती में उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को शामिल किया गया है। इनमें यमुनानगर, नारायणगढ़, शाहाबाद, करनाल, असंध, भादसो, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, जींद, पलवल, भूना, गोहाना और महम क्षेत्र शामिल हैं।

कृषि विभाग के अनुसार, जिन किसानों द्वारा अधिसूचित और अनुशंसित गन्ना किस्मों की आधुनिक विधियों से बिजाई की जाएगी, उन्हें योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी।

इस योजना में गन्ने की खेती के लिए कई आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। इनमें चार फीट चौड़ी कतार में गन्ने की बिजाई, सिंगल-बड विधि, बड-चिप तकनीक, फाउंडेशन सीड नर्सरी, बीज उपचार और चार फीट दूरी पर पेड़ी प्रबंधन जैसी विधियां प्रमुख हैं।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार किया जा सकता है। पारंपरिक तरीके की तुलना में वैज्ञानिक विधियों से खेती करने पर कम लागत में बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहती है।

सिंगल-बड और बड-चिप जैसी तकनीकों से कम बीज में अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती की जा सकती है। इससे किसानों को बीज की बचत के साथ-साथ अच्छी फसल प्राप्त करने में मदद मिलती है।

फाउंडेशन सीड नर्सरी तकनीक का उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाले बीज तैयार करना है। गुणवत्तापूर्ण बीज से गन्ने की पैदावार बढ़ाने में सहायता मिलती है।

वहीं, बीज उपचार तकनीक अपनाने से फसल को रोगों से बचाने में मदद मिलती है। कृषि विभाग किसानों को इन तकनीकों के प्रति जागरूक करने का काम भी कर रहा है।

हरियाणा में गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है और बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जाए।

कृषि विभाग का मानना है कि नई तकनीकों के उपयोग से गन्ने की खेती में पानी, खाद और अन्य संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। इससे खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सकेगी।

सरकार की इस योजना से किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी और उन्हें आधुनिक खेती के फायदे समझने का अवसर मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदर्शन प्लॉट के माध्यम से किसान खुद नई तकनीकों के परिणाम देख सकेंगे। इससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और क्षेत्र में आधुनिक कृषि पद्धतियों का विस्तार होगा।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे योजना का लाभ उठाएं और गन्ने की खेती में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं।

सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और उनकी आय में वृद्धि हो। इसी उद्देश्य से समय-समय पर कृषि क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना के माध्यम से हरियाणा में गन्ना उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ राज्य के कृषि क्षेत्र को भी लाभ होगा।

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