Haryana हरियाणा के भिवानी और बाजरा उगाने वाले दूसरे ज़िलों की मंडियों में बाजरा की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई है। इस वजह से कई किसानों को अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर बेचनी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि खरीद एजेंसियों ने अभी तक खरीद शुरू नहीं की है, इसलिए उनके पास प्राइवेट खरीदारों के पास जाने के अलावा कोई चारा नहीं है। बाजरा का MSP 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, लेकिन आढ़ती अभी 2,150 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दे रहे हैं, जिससे किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये का नुकसान हो रहा है। भिवानी के हेतमपुरा गांव के किसान सोमबीर ने बताया कि वे अपनी फसल मंडी इसलिए लाए क्योंकि उनके घर पर इसे रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। उन्होंने कहा कि MSP 2,900 रुपये होने के बावजूद व्यापारी सिर्फ़ 2,300 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दे रहे हैं।
भिवानी ज़िला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अपार तिवारी ने बताया कि बाजरा की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी एजेंसियां खरीद शुरू करने से पहले राज्य सरकार के निर्देशों का इंतज़ार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है।