गुरुग्राम वोटर वेरिफिकेशन: ग्रामीण इलाकों का बेहतर प्रदर्शन

Update: 2026-07-25 16:05 GMT

गुरुग्राम। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रहे मतदाता सत्यापन अभियान की स्थिति चारों विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग नजर आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की विधानसभा सीटों पर सत्यापन की प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज चल रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में इसकी रफ्तार धीमी बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाताओं का सत्यापन लंबित है, जबकि पटौदी विधानसभा क्षेत्र ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है।

गुरुग्राम जिले की चार विधानसभा सीटों में गुड़गांव और बादशाहपुर शहरी क्षेत्र माने जाते हैं। इन दोनों क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन की स्थिति प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। गुड़गांव विधानसभा में कुल 4,50,200 मतदाता हैं, जिनमें से 2,70,494 मतदाताओं के प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। वहीं 1,79,706 मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो यहां 39.92 प्रतिशत मतदाताओं के प्रपत्र लंबित हैं, जो जिले की चारों विधानसभा सीटों में सबसे अधिक है।

गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र में हर 100 में करीब 40 मतदाताओं का सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में चुनाव कार्यालय के सामने लंबित प्रपत्रों को जल्द पूरा कराने की बड़ी चुनौती है। प्रशासन का प्रयास है कि समय रहते सभी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा सीट बादशाहपुर में भी सत्यापन की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 5,41,895 मतदाता हैं। इनमें से 3,65,531 यानी 67.45 प्रतिशत मतदाताओं के प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। वहीं 1,76,364 मतदाताओं का सत्यापन अभी लंबित है, जो कुल मतदाताओं का 32.55 प्रतिशत है।

बादशाहपुर में लंबित प्रपत्रों की संख्या जिले में सबसे अधिक है। बड़ी आबादी वाले इस विधानसभा क्षेत्र में एक तिहाई से अधिक मतदाताओं का सत्यापन बाकी होना चुनाव विभाग के लिए चुनौती माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अभियान में तेजी लाकर जल्द ही लंबित प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्र की पटौदी विधानसभा ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। पटौदी विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,59,696 मतदाता हैं। इनमें से 2,19,310 मतदाताओं के प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 84.45 प्रतिशत है। वहीं केवल 40,386 यानी 15.55 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन बाकी है।

पटौदी में सत्यापन की बेहतर स्थिति से साफ है कि यहां अभियान को अच्छी गति मिली है। हालांकि अब प्रशासन के सामने शेष मतदाताओं के प्रपत्रों को जल्द सत्यापित करने की जिम्मेदारी है।

सोहना विधानसभा क्षेत्र में भी मतदाता सत्यापन की स्थिति संतोषजनक रही है। यहां कुल 3,03,243 मतदाता हैं, जिनमें से 2,45,245 यानी 80.87 प्रतिशत मतदाताओं के प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं 57,998 यानी 19.13 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन अभी लंबित है। पटौदी के बाद सोहना जिले में दूसरे स्थान पर है।

एसआईआर के आंकड़ों से स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन अभियान की रफ्तार बेहतर रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है। प्रशासन अब गुड़गांव और बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि सभी मतदाताओं का सत्यापन समय पर पूरा किया जा सके।

चुनाव कार्यालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुड़गांव विधानसभा के 39.92 प्रतिशत लंबित प्रपत्रों को पूरा करना है। वहीं बादशाहपुर में 1.76 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन बाकी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर सही और अपडेट मतदाता सूची तैयार की जाए।

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