Gurugram पुलिस और गूगल मैप्स ने दुर्घटना क्षेत्रों पर रीयल-टाइम ट्रैफ़िक अलर्ट शुरू किया
Gurugram गुरुग्राम : गूगल मैप्स और गुरुग्राम पुलिस ने मिलकर एक रियल-टाइम ट्रैफ़िक अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है, जो वाहन चालकों को दुर्घटना या ख़तरनाक क्षेत्र के नज़दीक पहुँचने पर पहले ही चेतावनी दे देगा। यह नया डिजिटल नेविगेशन सिस्टम फिलहाल 129 प्रमुख सड़कों पर उपलब्ध है। यह सिस्टम स्क्रीन पर गति सीमा भी प्रदर्शित करेगा ताकि लोगों को निर्धारित सीमा में ही वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
डीसीपी, ट्रैफ़िक, डॉ. राजेश कुमार मोहन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों में ट्रैफ़िक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीसीपी मोहन ने कहा, "अक्सर दुर्घटनाएँ इसलिए होती हैं क्योंकि चालक व्यस्त सड़कों पर तेज़ गति से वाहन चलाते हैं। अगर दुर्घटनाएँ कम गति पर हों, तो बचने की संभावना ज़्यादा होती है।" एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, अगले साल की शुरुआत तक यह डिजिटल सिस्टम 200 से ज़्यादा सड़कों और प्रमुख चौराहों पर लागू हो जाएगा, जिससे पूरा शहर इस हाई-टेक अलर्ट नेटवर्क के दायरे में आ जाएगा। गुरुग्राम पुलिस ने सबसे ज़्यादा होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की पहचान की है। अब इन जगहों पर गूगल मैप्स पर वर्चुअल चेतावनी चिह्न दिखाई देंगे ताकि वाहन चालक ज़्यादा सतर्क रहें।
गुरुग्राम पुलिस ने यह कदम उन चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद उठाया है जिनसे पता चला है कि इस साल अब तक 345 लोगों की मौत हो चुकी है और 580 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि कैसे ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और ओवर-स्पीडिंग गुरुग्राम में लोगों की जान ले रही है। गुरुग्राम पुलिस ने सबसे ज़्यादा होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की पहचान की है। ड्राइवरों को ज़्यादा सतर्क रहने में मदद करने के लिए अब इन जगहों पर गूगल मैप्स पर वर्चुअल चेतावनी मार्कर दिखाई देंगे। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज़्यादा जोखिम वाले मुख्य मार्ग NH-48 (दिल्ली-जयपुर हाईवे), द्वारका एक्सप्रेसवे, सोहना रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड हैं। पुलिस ने कहा कि अगले साल की शुरुआत तक 200 से ज़्यादा सड़कों और प्रमुख चौराहों पर यह डिजिटल सिस्टम लागू कर दिया जाएगा, जिससे पूरा शहर इस हाई-टेक अलर्ट नेटवर्क के दायरे में आ जाएगा। डीसीपी, ट्रैफ़िक, डॉ. मोहन ने कहा, "इस कदम के साथ, गुरुग्राम देश का पहला शहर बन गया है जहाँ गूगल मैप्स और पुलिस मिलकर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। यह सिस्टम न सिर्फ़ लोगों को खतरनाक इलाकों की जानकारी देगा, बल्कि भविष्य में दुर्घटनाओं को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।"