चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अधिकारियों को इस दिशा में संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की मौजूदगी में गेस्ट टीचर्स की संयुक्त संघर्ष समिति के साथ हुई बैठक के दौरान अपने प्रधान सचिव को इस मामले पर विचार करने और आवश्यक प्रक्रिया की संभावनाओं की जांच करने के लिए कहा है।
गेस्ट टीचर्स की मांग पर सरकार गंभीर
गेस्ट टीचर्स लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और स्थायी कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद गेस्ट टीचर्स में उम्मीद जगी है कि सरकार उनकी मांग पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
अधिकारियों से मांगी जा चुकी है रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर पहले ही शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांग चुके हैं।
सरकार अब कानूनी पहलुओं और प्रशासनिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पर विचार कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की टिप्पणी का हवाला
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी राज्य सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की सलाह दे चुके हैं।
गेस्ट टीचर्स संगठनों का कहना है कि न्यायालयों की टिप्पणियों के बाद अब सरकार को उनके हित में ठोस फैसला लेना चाहिए।
विधानसभा में भी उठा मुद्दा
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण का मुद्दा मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में भी गूंजा।
विपक्षी विधायकों ने विधानसभा में यह मांग उठाई और सरकार से गेस्ट टीचर्स के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
विधायकों का कहना था कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को स्थायित्व मिलना चाहिए।
भाजपा ने किया था नियमित करने का वादा
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में पुराना रहा है।
साल 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने प्रदेश के गेस्ट टीचर्स को पहली कलम से पक्का करने का वादा किया था।
इसके बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और मनोहर लाल मुख्यमंत्री बने। अब नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार इस मुद्दे पर विचार कर रही है।
हजारों शिक्षकों को मिल सकती है राहत
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में गेस्ट टीचर्स कार्यरत हैं। ये शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बने हुए हैं।
यदि सरकार नियमितीकरण की दिशा में कोई फैसला लेती है तो हजारों शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है।
गेस्ट टीचर्स का कहना है कि नियमित होने से उन्हें नौकरी की सुरक्षा, बेहतर सेवा शर्तें और भविष्य को लेकर स्थिरता मिलेगी।
संघर्ष समिति ने जताई उम्मीद
गेस्ट टीचर्स की संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया है।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से पहली बार नियमितीकरण की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही शिक्षकों के हित में फैसला लेगी।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल सरकार अधिकारियों की रिपोर्ट और कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
गेस्ट टीचर्स की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। यदि नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस नीति बनती है तो यह हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश के बाद गेस्ट टीचर्स के बीच उम्मीद बढ़ गई है कि लंबे समय से चली आ रही उनकी मांग पर जल्द समाधान निकल सकता है।