Hisar लगभग नौ साल पहले सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के एक मैनेजर के कथित अपहरण और उन्हें ड्रग्स तस्करी के झूठे मामले में फंसाने से जुड़े एक केस में, शुक्रवार को हिसार की अदालत में पांच लोगों ने सरेंडर किया। इनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जो उस समय CIA में तैनात थे। यह मामला बैंक अधिकारी और एक पुलिसकर्मी के बीच हुई लड़ाई के बाद शुरू हुआ था। उस पुलिसकर्मी का बेटा लगभग नौ साल पहले एक सड़क दुर्घटना में शामिल था।
उस समय हिसार में CIA में तैनात चार पुलिसकर्मियों—तत्कालीन ASI वीरेंद्र सिंह, धर्मबीर सिंह और सत्यवान, और कॉन्स्टेबल संदीप—के साथ-साथ मॉडल टाउन के रहने वाले चेतन ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आयुष के सामने सरेंडर किया और ज़मानत की अर्ज़ी दाखिल की। अदालत ने सभी पांचों को 50,000 रुपये का बॉन्ड भरने पर ज़मानत दे दी। अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को तय की गई है।
शिकायतकर्ता के वकील संजीव कुमार सिंधू ने बताया कि यह मामला 2018 में रमनजीत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। रमनजीत सिंह सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में सीनियर मैनेजर हैं और पंजाब के सुनाम के रहने वाले हैं। शिकायत के अनुसार, 16 दिसंबर 2017 को हिसार के रेड स्क्वायर मार्केट में उनकी कार की टक्कर तत्कालीन CIA ASI वीरेंद्र सिंह के बेटे आशीष की कार से हो गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने माफ़ी मांगी और मरम्मत का खर्च देने की पेशकश की, लेकिन आरोप लगाया कि बाद में उन्हें फ़ोन पर धमकी दी गई, जिससे उनके बीच विवाद बढ़ गया।
शिकायत के अनुसार, 18 दिसंबर को जब सिंह लगभग 3.35 लाख रुपये नकद लेकर कार खरीदने जा रहे थे, तो आशीष, उसके पिता वीरेंद्र सिंह और अन्य लोगों ने जीत धर्म कांटा के पास उनकी कार को रोका और ईंटों से उसे नुकसान पहुंचाया। उन्होंने सिंह के साथ मारपीट की और ज़बरदस्ती उन्हें दूसरी गाड़ी में बिठाकर CIA पुलिस स्टेशन ले गए।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने फ़ोन पर वकील वीरेंद्र मंजू को घटना के बारे में बताया और जब उन्हें ले जाया जा रहा था, तब पुलिस कंट्रोल रूम को भी मैसेज भेजा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि CIA पुलिस स्टेशन में सिंह के कपड़े उतरवाकर उनके साथ मारपीट की गई और उनसे 90,000 रुपये ले लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इंस्पेक्टर कप्तान सिंह से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाई, तो उन्हें धमकी दी गई कि पुलिस को मैसेज भेजने का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके बाद सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसमें उनकी कार से अफीम बरामद होने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें इस मामले में 8 जनवरी 2018 को ज़मानत मिल गई थी और 2022 में उन्हें बरी कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने CIA कर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ़ अदालत में शिकायत दर्ज कराई।