फॉर्च्यूनर का किराया पहुंचा 28.13 लाख, तीन लोगों पर केस
फॉर्च्यूनर के किराये का बढ़ता गया हिसाब
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में किराये पर ली गई फॉर्च्यूनर कार का भुगतान नहीं करने से जुड़ा मामला सामने आया है। कार के किराये का बकाया बढ़ते-बढ़ते 28.13 लाख रुपये तक पहुंचने का आरोप है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार किराये पर ली थी। शुरुआत में तय शर्तों के अनुसार किराया देने की बात कही गई, लेकिन समय बीतने के साथ भुगतान लंबित होता चला गया। धीरे-धीरे बकाया राशि लाखों रुपये में पहुंच गई। कई बार भुगतान की मांग किए जाने के बावजूद कथित तौर पर पूरा हिसाब नहीं किया गया। आरोप है कि वाहन लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया और इस दौरान किराये की राशि लगातार जुड़ती रही। जब बकाया रकम का हिसाब किया गया तो यह करीब 28.13 लाख रुपये निकली। इसके बाद शिकायतकर्ता ने संबंधित लोगों से रकम चुकाने के लिए संपर्क किया, लेकिन विवाद का समाधान नहीं होने पर मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस को दी गई शिकायत में पूरे लेन-देन और वाहन किराये पर दिए जाने से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। शिकायत के आधार पर पंचकूला पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच के दौरान पुलिस वाहन किराये से संबंधित समझौते, भुगतान के रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, बातचीत और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर सकती है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि वाहन किन शर्तों पर दिया गया था और भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या सहमति बनी थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किराये की राशि कब से लंबित थी और 28.13 लाख रुपये के बकाये की गणना किस आधार पर की गई। मामले से जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वाहन किराये से जुड़े मामलों में लिखित अनुबंध, भुगतान की समय सीमा और वाहन इस्तेमाल की अवधि महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पुलिस इन पहलुओं की भी जांच करेगी। यदि किसी तरह की धोखाधड़ी या अन्य आपराधिक कृत्य के साक्ष्य मिलते हैं तो उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच जारी है। 28.13 लाख रुपये के कथित बकाये से जुड़े इस मामले में शिकायतकर्ता और आरोपियों के दावों के साथ दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।