हिसार में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी
सहकारी विपणन समितियों में कर्मचारियों का विरोध तेज
हिसार: द हरियाणा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी एम्प्लॉइज यूनियन के आह्वान पर प्रदेशभर की सहकारी विपणन समितियों के कर्मचारी लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी करते रहे। कर्मचारियों ने सरकार और हैफेड प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि उनकी जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यूनियन के प्रदेश महासचिव हनुमान गोदारा ने बताया कि यूनियन के सर्वसम्मत निर्णय के अनुसार पांच से 11 अक्टूबर तक प्रदेशभर के सहकारी विपणन समितियों के कर्मचारी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से कार्य करते हुए विरोध दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर 2026 को सामूहिक मांग-पत्र के माध्यम से हैफेड प्रबंधन को कर्मचारियों की विभिन्न जायज मांगों से अवगत करवाया गया था। इनमें प्रमुख रूप से धान की खरीद पर समितियों को मिलने वाले कमीशन को पुन: 0.25 प्रतिशत यानी 5.97 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बहाल करना तथा गेहूं की खरीद पर वर्ष 2011 से मिल रहे 1.33 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन को वर्तमान महंगाई और परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाना शामिल है।
हनुमान गोदारा ने कहा कि मांग-पत्र देने के बावजूद निर्धारित समय बीत जाने तक हैफेड प्रबंधन की ओर से न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही कर्मचारियों की समस्याओं का संतोषजनक समाधान हुआ। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में भारी रोष और असंतोष है। यूनियन ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे प्रदेशभर के कर्मचारी पंचकूला स्थित हैफेड मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मांगों की लगातार अनदेखी होने पर आंदोलन को आगामी दिनों में और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
हनुमान गोदारा ने कहा कि यूनियन का आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा।