बिजली वितरण में समानांतर लाइसेंस का विरोध, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
कर्मचारियों ने फूंकी फैसले की प्रतियां, समानांतर लाइसेंस देने का किया विरोध
हिसार: हरियाणा में बिजली वितरण के लिए गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने बुधवार को सिविल लाइन सब डिवीजन के राजगढ़ रोड स्थित उपमंडल अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के फैसले की प्रतियां जलाकर रोष जताया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता अनुबंधित कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमित कुमार ने की, जबकि संचालन सब यूनिट सचिव जय कुमार ने किया।
पूर्व सहमति के बावजूद लाइसेंस देने का आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मोर्चा के राज्य सचिव दलीप सोनी और राज्य कमेटी सदस्य एवं सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक सैनी ने कहा कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल की थी। इस दौरान निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने, स्मार्ट मीटर लगाने और एग्री डिस्कॉम बनाने के फैसलों का विरोध किया गया था।
कर्मचारी नेताओं के अनुसार, आंदोलन के दबाव में हरियाणा के बिजली मंत्री की अध्यक्षता में हुई बातचीत के दौरान सहमति बनी थी कि इन फैसलों को लागू नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद दो दिन पहले एचईआरसी ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी ईलवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का समानांतर लाइसेंस देने का निर्णय ले लिया। कर्मचारी नेताओं ने इसे पूर्व में बनी सहमति के विपरीत बताते हुए लाइसेंस रद्द करने की मांग की।
22 से 24 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री, केंद्रीय बिजली मंत्री और एचईआरसी चेयरमैन के पुतले जलाकर भी विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने घोषणा की कि निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में बिजली कर्मचारी और अधिकारी 22, 23 और 24 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को दिया गया समानांतर लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि निजीकरण से जुड़े फैसलों को लेकर कर्मचारियों का विरोध जारी रहेगा।