हरियाणा : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री और विधायक रह चुके गोपाल कांडा से जुड़े ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की। यह कार्रवाई गुरुग्राम स्थित वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित रियल एस्टेट अनियमितता मामले की जांच के तहत की गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें निवेशकों को कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए आकर्षित किया गया और उन्हें तय समय पर कब्जा, निश्चित रिटर्न, लीज रेंटल तथा सेल डीड पूरी करने का भरोसा दिया गया था। ED अब इस मामले में निवेश की गई राशि, परियोजनाओं की स्थिति और संबंधित लेन-देन की जांच कर रही है।
रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितता की जांच
ED की जांच गुरुग्राम स्थित वाटिका लिमिटेड के कुछ कमर्शियल प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है। एजेंसी के मुताबिक, जांच के दायरे में आए चार प्रोजेक्ट्स में बड़ी संख्या में निवेशकों ने पैसा लगाया था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में 661 निवेशकों से करीब 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। आरोप है कि निवेशकों को जिन सुविधाओं और वादों के आधार पर निवेश कराया गया था, वे लंबे समय बाद भी पूरी नहीं हो सकीं।
निवेशकों को नहीं मिला कब्जा और सेल डीड पूरी होने का इंतजार
जांच एजेंसी के अनुसार, निवेशकों को कमर्शियल संपत्तियों में निवेश के बदले समय पर कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था। इसके अलावा लीज रेंटल और सेल डीड पूरी करने का भी भरोसा दिया गया था।
हालांकि, आरोप है कि कई मामलों में अब तक न तो निवेशकों को संपत्तियों का कब्जा मिला और न ही सेल डीड की प्रक्रिया पूरी हुई। ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
कई स्थानों पर हुई तलाशी
ED की टीम ने गुरुवार को गोपाल कांडा से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जांच अधिकारियों ने दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच की।
एजेंसी रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े समझौतों, बैंक लेन-देन और निवेश से संबंधित दस्तावेजों को खंगाल रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निवेशकों की शिकायतों के आधार पर जांच
रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश से जुड़े मामलों में अक्सर खरीदारों और निवेशकों की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में परियोजनाओं में देरी, कब्जा नहीं मिलने या वादों को पूरा नहीं करने के आरोप लगाए जाते हैं।
वाटिका लिमिटेड से जुड़े इस मामले में भी ED निवेशकों की शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
वित्तीय लेन-देन की पड़ताल
ED मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत मामलों की जांच करती है। ऐसे मामलों में एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करती है कि किसी परियोजना में जुटाई गई रकम का इस्तेमाल नियमों के अनुसार हुआ या नहीं।
इस मामले में भी एजेंसी कथित निवेश राशि, कंपनियों के खातों और संबंधित व्यक्तियों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
जांच के बाद सामने आएगी स्थिति
फिलहाल ED की कार्रवाई शुरुआती जांच का हिस्सा है। एजेंसी द्वारा जुटाए जा रहे दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामले में किसकी क्या भूमिका रही और निवेशकों के पैसों से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
रियल एस्टेट निवेश से जुड़े इस मामले में ED की छापेमारी के बाद अब सभी की नजर जांच की आगे की दिशा पर है। एजेंसी आने वाले दिनों में पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ा सकती है।