बाजरा खरीद में लापरवाही पर जिला प्रबंधक पर कार्रवाई
नारनौल में बाजरा खरीद व्यवस्था पर कार्रवाई
नारनाैल: जिले में किसानों से बाजरे की सरकारी खरीद समय पर शुरू नहीं होने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने हैफेड के जिला प्रबंधक प्रवीण भारद्वाज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की है। इस संबंध में उपायुक्त ने हैफेड के प्रबंध निदेशक, पंचकूला को पत्र भेजा है।
उपायुक्त ने गुरूवार काे बताया कि सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए फेयर एवरेज क्वालिटी बाजरे का खरीद मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसमें 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर सहायता भी शामिल है। जिले में बाजरे की सरकारी खरीद की जिम्मेदारी हैफेड को सौंपी गई है। पत्र के अनुसार जिला प्रबंधक को जिले की मंडियों में बाजरे की खरीद शुरू करने के लिए बार-बार निर्देश दिए गए थे। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने भी खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सात सितंबर को नारनौल दौरे के दौरान मंडियों में सरकारी खरीद प्रभावी रूप से शुरू नहीं मिली।
उपायुक्त ने पत्र में बताया कि पांच सितंबर तक नारनौल मंडी में केवल 3.7 मीट्रिक टन बाजरे की खरीद हुई थी। जिले की अन्य मंडियों में भी सार्थक खरीद नहीं होने की बात सामने आई। इसे महत्वपूर्ण सरकारी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही माना गया है।
उपायुक्त ने कहा कि खरीद में देरी से किसानों को परेशानी हुई और उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे उन्हें सरकारी खरीद मूल्य और भावांतर सहायता का पूरा लाभ नहीं मिल पाने की आशंका है। उन्होंने हैफेड एमडी से सेवा एवं अनुशासन नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।