रेवाड़ी। शहर के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से दूषित पानी की सप्लाई होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कंकरवाली, विकास नगर, अजय नगर सहित करीब आधा दर्जन मोहल्लों में घरों तक पहुंच रहा पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि लोग इसे पीने के साथ-साथ घरेलू कामों में भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। दूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और जनजीवन प्रभावित हो गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, घरों में आने वाले पानी में मिट्टी, कीचड़ और गंदगी दिखाई दे रही है। पानी से बदबू आने के कारण लोग मजबूरी में इसे फेंकने को मजबूर हैं। पीने के पानी के लिए लोगों को बाजार से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है या फिर दूसरे स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है। इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि दूषित पानी की समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। रोजमर्रा के कामों के लिए पानी की जरूरत होती है, लेकिन दूषित पानी के कारण कपड़े धोने, खाना बनाने और बर्तन साफ करने तक में परेशानी हो रही है। लोगों को साफ पानी की व्यवस्था करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइन के कारण यह समस्या पैदा हुई है। कई जगहों पर पानी की पाइपलाइन में लीकेज की शिकायतें भी सामने आई हैं। लोगों का आरोप है कि सीवरेज का गंदा पानी पाइपलाइन में मिल रहा है, जिसके कारण घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा है।
लोगों ने प्रशासन और जन स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की जांच कराई जाए और दूषित पानी की सप्लाई को रोका जाए। इसके साथ ही पुरानी पाइपलाइन की मरम्मत कर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गंदे पानी के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण, उल्टी-दस्त और अन्य जलजनित रोग फैल सकते हैं। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
शहरवासियों का कहना है कि गर्मी और उमस के मौसम में पानी की जरूरत और बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं होगा तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है।