अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 'डमी सीएम' करार दिया और कहा कि हरियाणा में बीजेपी विफल रही है, जबकि पंजाब में वे बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। अंबाला के सांसद ने कहा, "हरियाणा में बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे हो गए हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे; लेकिन अब राज्य की जनता यह हिसाब मांग रही है कि क्या वे वादे पूरे हुए हैं या नहीं।"
अंबाला शहर के कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, "जहां एक तरफ हरियाणा में बीजेपी विफल रही है, वहीं दूसरी तरफ पंजाब में उनके नेता बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं और झूठे वादे कर रहे हैं। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, 2014 में हरियाणा पर कुल कर्ज 70,925 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 3,91,435 करोड़ रुपये हो गया है। यह समझ से परे है कि कर्ज में हुई इस भारी बढ़ोतरी के बदले आम जनता को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की आय और बुनियादी ढांचे के मामले में आखिर क्या ठोस लाभ मिला है? सरकार को राज्य की वित्तीय स्थिति, कर्ज पर दिए जा रहे ब्याज और जनता से किए गए वादों पर हुई प्रगति के बारे में पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए। बीजेपी सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कितने वादे पूरी तरह से पूरे किए गए हैं और कितने अभी भी अधूरे हैं।"
महिलाएं, युवा, किसान, गरीब परिवार और आम नागरिक अपने अधिकारों और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जवाब पाने के हकदार हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह केवल विज्ञापनों और घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कार्यकाल के दौरान किए गए वास्तविक कामकाज का हिसाब दे।
सांसद ने एसआईआर (SIR) से जुड़े मुद्दों और लंबित विकास कार्यों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के अध्यक्ष पवन अग्रवाल और जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष दुष्यंत चौहान ने कहा कि बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र के जरिए समाज के हर वर्ग को उम्मीदें दिखाई थीं। लेकिन आज भी महिलाएं आर्थिक मदद का इंतजार कर रही हैं, युवा रोजगार की तलाश में हैं, किसान अपनी उपज के लिए सही दाम मांग रहे हैं, और आम परिवार महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। बीजेपी को केवल सत्ता से चिपके रहने के बजाय, जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। लोकतंत्र में, चुनाव के दौरान किए गए वादे केवल चुनावी भाषणों की बयानबाजी नहीं होते, बल्कि ये जनता के प्रति जवाबदेही का एक संकल्प होते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाती रहेगी और बीजेपी सरकार से हर उस वादे के बारे में लगातार जवाब मांगती रहेगी, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
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