चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिनिधियों की ओर से सौंपे गए मांग-पत्र पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 स्थित नामदेव भवन में संत शिरोमणि नामदेव महाराज के 756वें प्रकाशोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा भी उपस्थित रहे। 
पिछड़े वर्गों के लिए किए फैसलों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने से पिछड़े वर्गों के हितों को मजबूती मिली है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों और चिकित्सा शिक्षा में ओबीसी आरक्षण से जुड़े कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। सैनी ने हरियाणा में पिछड़ा वर्ग की क्रीमी लेयर की वार्षिक आय सीमा छह लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये किए जाने को भी महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उन्होंने स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। युवाओं से उन्होंने पढ़ाई के साथ कौशल विकास और उद्यमिता पर ध्यान देने की अपील की। उनका कहना था कि समाज की प्रगति में शिक्षित और सक्षम युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। 
समानता और श्रम के सम्मान का संदेश
संत नामदेव को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी शिक्षाएं मानवता, समानता, प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देती हैं। संत-महापुरुषों का मार्गदर्शन पूरे समाज के लिए होता है। उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से सामाजिक सद्भाव मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संत नामदेव ने भक्ति और मानव सेवा के साथ मेहनत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान का संदेश दिया। उनकी वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार विभिन्न संत-महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाकर उनके विचार नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। 
निवेश से रोजगार बढ़ने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने अपने स्वीडन दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा में लगभग चार हजार करोड़ रुपये के निवेश को लेकर सहमति बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का प्रयास शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने पात्र परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाना है। पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए सैनी ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने नशा तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता पर जोर दिया।
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