कैथल की चावल मिल पर संकट के बादल, कथित फर्जी दस्तावेजों से बढ़ी मुश्किलें
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने कैथल जिले के चीका में त्रिवेणी राइस मिल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें नियामक मंजूरी प्राप्त करने के लिए जाली, झूठे और अधूरे दस्तावेज जमा करने के आरोप में इकाई को बंद करने और पर्यावरणीय मुआवजा लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। वायु और जल अधिनियम के तहत कैथल में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी नोटिस, मिल मालिक को इसे प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश देता है।
नोटिस के अनुसार, सीएम विंडो के माध्यम से दायर एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि मिल ने अपनी परिचालन इकाई के लिए बोर्ड से सहमति प्राप्त करने के लिए जाली दस्तावेज जमा किए थे, जो ऑरेंज श्रेणी के अंतर्गत आता है। मिल के पास 31 मार्च, 2029 तक संचालन के लिए वैध सहमति (सीटीओ) है। शिकायतकर्ता ने नगर समिति (एमसी), चीका द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया।
शिकायत के बाद, क्षेत्रीय कार्यालय ने फरवरी 2026 में एमसी सचिव से स्पष्टीकरण मांगा। नगर निगम कार्यालय ने कथित तौर पर बोर्ड को सूचित किया कि उसने एनओसी जारी नहीं की है। स्पष्टीकरण के आधार पर, बोर्ड ने वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव दिया, जिसमें इकाई को बंद करना और पर्यावरणीय मुआवजा लगाना शामिल है। शिकायतकर्ता परगट सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले को सीएम विंडो के माध्यम से उठाया था और बोर्ड के नोटिस का स्वागत किया।