Chandigarh.चंडीगढ़: पहली बार, चंडीगढ़ नगर निगम ने सड़क निर्माण और री-कार्पेटिंग परियोजनाओं के लिए ठेकेदारों के लिए दोष दायित्व अवधि को बढ़ाकर तीन वर्ष करने का निर्णय लिया है। अब तक, यह अवधि केवल एक वर्ष थी। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में 41 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क री-कार्पेटिंग परियोजनाओं के लिए जारी सभी निविदाओं में, नगर निगम ने दोष दायित्व अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया है। महापौर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि नगर निगम नागरिकों को उच्च-गुणवत्ता वाली सड़कें प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोष दायित्व अवधि में वृद्धि के साथ, ठेकेदारों पर निर्माण के दौरान बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग करने का अधिक दबाव होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सड़कें लंबे समय तक चलें और कुछ वर्षों में खराब न हों। उन्होंने आगे कहा कि इससे नगर निगम को वर्तमान में बार-बार वार्षिक रखरखाव पर खर्च होने वाली महत्वपूर्ण राशि की भी बचत होगी।
नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा V4, V5 और V6 सड़कों की री-कार्पेटिंग के लिए जारी निविदाओं में अब संशोधित दोष दायित्व खंड शामिल है। V3, V4, V5, V6 सड़कों के साथ-साथ गाँवों की सड़कों का रखरखाव नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है। हाल ही में, कुल 275 किलोमीटर लंबी V3 सड़कें—जो आमतौर पर सेक्टरों को विभाजित करने वाली सड़कें होती हैं—को धन की कमी के कारण चंडीगढ़ प्रशासन को हस्तांतरित कर दिया गया है। V4 सड़कें सेक्टरों को दो भागों में विभाजित करती हैं और इनके किनारे शॉपिंग एरिया और अन्य सार्वजनिक सुविधाएँ हैं। V5 सड़कें बाज़ारों के सामने स्थित हैं, जबकि V6 सड़कें रिहायशी इलाकों के सामने हैं। इनमें से कई सड़कों पर पिछले 5-6 सालों से री-कार्पेटिंग नहीं हुई है। कई मामलों में, सड़कें री-कार्पेटिंग के पाँच साल के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गईं। शहर निवासी आरके गर्ग ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दोष निवारण अवधि को कम से कम पाँच साल तक बढ़ाया जाना चाहिए। गर्ग ने कहा कि यदि सड़क रखरखाव की ज़िम्मेदारी लंबे समय तक ठेकेदार के पास रहती है, तो वे बेहतर निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बाध्य होंगे।
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