बेटियों को शिक्षित कर मजबूत राष्ट्र बनाएं: प्रो. असीम घोष
शिक्षित बेटियां देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव: असीम घोष
सोनीपत: भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में सोमवार को आयोजित चौथे दीक्षांत समारोह में हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।
तीन छात्राओं से शुरू हुआ संस्थान, आज छह हजार से अधिक छात्राएं
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि महिलाओं की प्रगति के बिना राष्ट्र की समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती। वर्ष 1936 में भगत फूल सिंह ने केवल तीन छात्राओं के साथ कन्या गुरुकुल की शुरुआत की थी। आज यह संस्थान विश्वविद्यालय के रूप में विकसित होकर छह हजार से अधिक युवतियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्रामीण बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रतिभा किसी लिंग या भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास, करुणा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी आधार है। उन्होंने उपाधि प्राप्त छात्राओं से अपने ज्ञान का उपयोग समाज कल्याण के लिए करने और अन्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर दिया कि गरीबी, सामाजिक पूर्वाग्रह या सहयोग की कमी के कारण किसी ग्रामीण बेटी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि हर बेटी को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता के समान अवसर मिल सकें।
विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की होगी अहम भूमिका: महीपाल ढांडा
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन में नई शुरुआत का अवसर होता है। भगत फूल सिंह द्वारा प्रज्वलित शिक्षा का दीप आज बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुका है। उन्होंने छात्राओं से ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने, चुनौतियों का सामना करने और अपने माता-पिता व शिक्षकों का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षित बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हरियाणा सरकार मुफ्त बस सेवा, छात्रवृत्ति और सुरक्षा सुविधाओं के माध्यम से बेटियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा को रोजगारपरक और कौशल आधारित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा
सहकारिता, कारागार, पर्यटन, निर्वाचन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने उपाधि प्राप्त छात्राओं और शोधार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य की नींव है। सफलता हासिल करने के लिए आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और अच्छे संस्कार जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि बेटियां सेना, वायुसेना, नौसेना, विमानन और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और योग्यता साबित कर रही हैं। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश, कुलसचिव प्रो. शिवालिक यादव, डॉ. रीटा शर्मा और भाजपा के गोहाना जिला अध्यक्ष बिजेंद्र मलिक सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।